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INDORE NEWS : लाखों की धोखाधड़ी करने वाली एडवाइजरी कंपनी पर SIT का छापा

इंदौर। देशभर में सात लाख से अधिक निवेशकों को कॉल सेंटर के जरिए फोन लगाकर हजारों लोगों से ठगी करने वाली एडवाइजरी कंपनी के ऑफिस पर सोमवार शाम एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने छापा मारा। कॉल सेंटर के जरिए कंपनी ने सेना के जवान से शेयर मार्केटिंग में निवेश करवाकर दो गुना मुनाफा देने का झांसा देकर 23 लाख रुपए ठग लिए थे। कंपनी में तीन सौ से अधिक कर्मचारी कॉल सेंटर के जरिए निवेशकों से संपर्क करते थे। कार्रवाई के पहले कॉल सेंटर को भनक लग जाती थी। 

सोमवार को एसआईटी प्रमुख ने थाने में बैठकर कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट लिखी। इसके बाद टीम गठित कर छापा मारा। कंपनी सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों से संपर्क करती थी। फेसबुक पर लड़कियों के नाम पर फर्जी प्रोफाइल तैयार की जाती थी। कंपनी के पास लाखों उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर मिले हैं। पुलिस ऑफिस से मिले कम्प्यूटर और दस्तावेजों की जांच कर रही है। कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। कंपनी की मालकिन नेहा गुप्ता के खिलाफ भी जांच के बाद कार्रवाई होगी। एसआईटी प्रभारी एएसपी शैलेंद्रसिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने सेना के जवान राजेंद्र सिंह निवासी साईंकला (जम्मू-कश्मीर) की शिकायत पर मंगलसिटी मॉल की तीसरी मंजिल स्थित ट्रेड इंडिया रिसर्च इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी कंपनी और उसके कर्ताधर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है।

जवान ने शिकायत में बताया था कि कंपनी के कर्मचारी ने फोन लगाकर उसे झांसा दिया कि वे निवेश करने पर दोगुना लाभ दिलाएंगे। कंपनी ने उससे 23 लाख 66 हजार रुपए जमा करवा लिए। उससे फ्री ट्रायल कॉल कर संपर्क किया गया था। उसने शंका जाहिर की थी कि उसके मोबाइल नंबर का डेटा कंपनी ने चोरी से हासिल किया है। कंपनी के कर्मचारियों ने शेयर ट्रेडिंग में सर्विस देने के नाम पर पैसों की मांग की। लाभ नहीं होने पर जब पैसे वापस मांगे तो रुपए नहीं लौटाए। कंपनी ने उसके आधार और पैन कार्ड के जरिए बिना जानकारी के फर्जी केवायसी तैयार कर ली। इसके लिए कंपनी के कर्मचारियों ने उसके फर्जी हस्ताक्षर भी कर लिए। रुपए लौटाने के नाम पर उसकी पत्नी के दस्तावेज लेकर फर्जी खाता खोल लिया। फिर केवायसी तैयार करके पत्नी के नाम पर डीमेट खाता खोलकर संचालित करने लगे। उक्त खाते का आईडी व पासवर्ड भी कंपनी के कर्मचारी इस्तेमाल करने लगे।

एएसपी के मुताबिक चार वर्षों से कंपनी संचालित हो रही थी। कंपनी में करीब तीन सौ कर्मचारी काम करते थे। ये अब तक सात लाख लोगों को फोन लगा चुके हैं। 26 हजार से अधिक ग्राहकों से कंपनी ठगी कर चुकी है। पुलिस ने ऑफिस से कम्प्यूटर सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। कंपनी ने फोन पर संपर्क करने के लिए 25 लाख फोन नंबर की जानकारी इकट्ठी की थी। कंपनी ने ग्राहकों की जानकारी के लिए फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल तैयार कर ली थी। कर्मचारी फेसबुक,लिंक्डइन, जी प्लस और गूगल प्लस के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे। कंपनी ने लड़कियों के नाम से कई फर्जी प्रोफाइल तैयार की थी।