कलेक्टर को पटवारियों के पद तक नहीं पता था, 233 की जगह 360 भर लिए

श्योपुर। कलेक्टर राजस्व विभाग का पद होता है। पटवारी इस विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी। यदि किसी कलेक्टर को अपने विभाग में पटवारियों के कुल आवंटित पदों की संख्या ही पता ना हो तो उसे योग्य कलेक्टर कैसे कहा जा सकता है। यहां ऐसा ही हुआ। एक अयोग्य आईएएस के कारण सरकारी खजाने को 3.38 करोड़ की चपत लग गई और 233 की जगह 360 पटवारी भर्ती हो गए। यानी 127 पटवारी अतिरिक्त, जिनके लिए कोई विभागीय काम नहीं है। बेगार कराई जा रही है। 

मामला क्या है

राजस्व विभाग ने जुलाई 2017 में पूरे प्रदेश में 7 हजार 398 पदों पर पटवारियों की भर्ती निकाली थी। तब मप्र सरकार ने हर जिले से पटवारियों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी, उसी के आधार पर जनवरी-फरवरी 2018 में परीक्षा के बाद पटवारियों की भर्ती भी हो गई। इस भर्ती परीक्षा के बाद श्योपुर में 184 पटवारी भर्ती किए गए। 

कुल पद संख्या 233, नियुक्त हो गए 360

जिले में पूर्व से ही 176 पटवारी पदस्थ थे। नई भर्ती के बाद जिले में पटवारियों की संख्या 360 हो गई, जबकि जिले में पटवारियों के पद 233 ही हैं। वर्तमान में पटवारी हल्कों से लेकर तहसीलों में 233 पदों पर पटवारी काम कर रहे हैं।

बिना बस्ते के 127 पटवारी, बैगार कर रहे हैं

बचे हुए 127 पटवारी ऐसे हैं, जिनके लिए एक साल से कोई हल्का नहीं मिल रहा। नतीजा अगस्त 2018 से यह पटवारी हर महीने बिना काम के वेतन पा रहे हैं। श्योपुर कलेक्टर इन 127 पटवारियों को दूसरे जिलों में भेजने के लिए मप्र लेंड रिकॉर्ड के कमिश्नर को कई पत्र भेज चुके हैं।

कलेक्टर और एसडीएम गणना तक नहीं कर पाए

पटवारी हल्के ग्राम पंचायतों के हिसाब से रहते हैं श्योपुर में 225 ग्राम पंचायतें हैं जिनके लिए 225 पटवारी चाहिए। इनके अलावा श्योपुर, विजयपुर और बड़ौदा शहरी क्षेत्र में 03 और तहसीलों में वर्कलोड पटवारी के 05 पद है। यानी कुल मिलाकर 233 पटवारी जिले में चाहिए, लेकिन 2017 में तत्कालीन कलेक्टर और एसडीएम ने पटवारी हल्कों की गणना गलत कर दी। एक पंचायत में दो से तीन-तीन हल्के बनाकर 352 पद बना दिए, जो नियम विरुद्ध थे। हल्कों की गलत गणना के कारण 127 पटवारी ज्यादा भर्ती हो गए।

3.38 करोड़ बांट चुके वेतन में, बन जाते 40 स्कूल भवन

सरकारी लापरवाही का नतीजा यह रहा कि प्रत्येक पटवारी को बिना काम के करीब 22 हजार 200 रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है। इस तरह एक साल में आम जन के टैक्स के पैसों से करीब 3 करोड़ 38 लाख रुपए 127 पटवारियों में बांटे जा चुके हैं। जानकारों के मुताबिक इस राशि से करीब चालीस गांव के बदहाल स्कूल भवन की जगह नए भवन बनाए जा सकते थे।

पत्र लिखा है

भर्ती के समय पटवारी हल्कों की गलत गणना कर ली गई, इसलिए 127 पटवारी ज्यादा हो गए। हमारे यहां इनके लिए पद रिक्त नहीं हैं, इसलिए आयुक्त भू-अभिलेतख को पत्र लिखकर इन 127 पटवारियों को दूसरे जिलों में पदस्थ करने के लिए पत्र लिखा है। 
बसंत कुर्रे, कलेक्टर श्योपुर

ऐसी गफलत सिर्फ श्योपुर जिले में हुई है कि पदों से 127 ज्यादा पटवारी भर्ती कर लिए गए हैं। श्योपुर कलेक्टर ने इन पटवारियों को वापस विभाग में लेकर अन्यत्र जिलों में पदस्थ करने के लिए पत्र भेजा है। कुछ जिलों में जगह हैं वहां इन पटवारियों की पोस्टिंग की कार्रवाई कर रहे हैं। 
ज्ञानेश्वर बी पाटील, आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त मप्र