मेरी मौत के बाद कोई जांच न की जाए' लिख ASI ने कर ली आत्महत्या | JABALPUR NEWS

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मेरी मौत के बाद कोई जांच न की जाए' लिख ASI ने कर ली आत्महत्या | JABALPUR NEWS

जबलपुर। मेरी मौत के बाद किसी को परेशान न किया जाए। मर्ग कायम करने के बाद किसी तरह की जांच न की जाए। मेरे परिवार व विभाग की कोई गलती नहीं। मैं अपनी मर्जी से मौत को गले लगा रहा हूं। मैं शुगर, हाई ब्लडप्रेशर और हाइपरटेंशन का मरीज हूं...।' इस आशय का सुसाइड नोट लिखकर बीमारी और चुनाव ड्यूटी से परेशान होमगार्ड के एएसआई (Homeguard ASI) दुलीचंद कोटेकार (ASI Dulichand Kotkar) पिता प्रतापनारायण (Pratapanarayan) ने बादाम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली (Committed suicide)। मूलतः बालाघाट निवासी मृतक अपनी पत्नी तीरन बाई व बेटे गोलू के साथ राधाकृष्ण वार्ड भवानी चौक हनुमानताल स्थित किराए के मकान में रहता था। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर बालाघाट रवाना हो गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।

दुलीचंद सोमवार की रात भोजन के बाद घर में सो गया। सुबह पत्नी की आंख खुली तो वे कमरे में नहीं मिले। कमरों और बाथरूम में नजर नहीं आए तो पत्नी बाहर निकली और घर के पीछे लगे बादाम के पेड़ पर पति का झूलता हुआ शव देखा। पति का शव देखते ही तीरन बाई फूट-फूटकर रोने व चीखने चिल्लाने लगी। तब तक बेटा व पड़ोसी वहां पहुंचे और तीरन बाई को सहारा दिया।

पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि दुलीचंद बीमारी से परेशान थे। बावजूद इसके बैतूल में चुनाव ड्यूटी लगा दी गई थी। बैतूल से लौटते ही दुलीचंद को पता चला कि खरगौन में भी चुनाव ड्यूटी लगाई गई है जिसके चलते वे काफी परेशान थे। मंगलवार रात उन्हें चुनाव ड्यूटी के लिए रवाना होना था लेकिन सोमवार की रात ही आत्महत्या कर ली।

होमगार्ड के एएसआई ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सुसाइड नोट में किसी को मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण बीमारी लिखा गया है। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।