MP BJP: लोकसभा चुनाव के लिए 19 प्रत्याशियों की तलाश | ELECTION NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा की कुल 29 में से 26 सीटों पर भाजपा का कब्जा है परंतु पार्टी सूत्रों का दावा है कि यदि सभी 26 सांसदों को वापस टिकट दे दिया तो कम से कम 12 घट जाएंगी। अमित शाह ने सभी 29 पर पूरी ताकत लगाने का आदेश दिया है। इसके बाद अब मध्यप्रदेश की 19 लोकसभा सीटों पर नए प्रत्याशियों की तलाश शुरू हो गई है। बता दें कि विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान सरकार के 14 मंत्रियों की हार चुके हैं। पार्टी नहीं चाहती कि इस बार ऐसी कोई गलती की जाए। 

कितने सांसद खतरे में
1-अनूप मिश्रा- मुरैना सांसद हैं परंतु विधानसभा चुनाव हार गए। मुरैना में नए नाम की तलाश।
2-भिंड (अजा) डॉ भागीरथ प्रसाद - रिपोर्ट है कि मोदी लहर में जीत गए थे, जनता में विरोध। 
3-सागर सांसद लक्ष्मी नारायण - मूलत: कांग्रेस नेता हैं। भाजपा कार्यकर्ता टिकट के पक्ष में नहीं। कभी भी घर वापसी कर सकते हैं। 
4-मंडला (अजजा) फग्गन सिंह कुलस्ते - पार्टी के भीतर ही भारी विरोध है। 
5-बालाघाट बोध सिंह भगत - पूर्वमंत्री गौरीशंकर बिसेन गुट नाराज। 
6-सतना से गणेश सिंह- मोदी लहर में भी अच्छे वोट नहीं मिले थे। जनता भी नाराज। 
7-शहडोल से ज्ञान सिंह - भाजपा में भारी विरोध। खुद भी लोकसभा लड़ना नहीं चाहते थे। 
8-राजगढ़ से रोडमल नागर - जनता, मीडिया और भाजपा कार्यकर्ताओं में विरोध। 
9-बैतूल (अजजा) से ज्योति धुर्वे - फर्ज़ी जाति प्रमाण मामले में फंसी हैं। 
10-खंडवा से नंदकुमार सिंह चौहान - अहंकारी स्वभाव के कारण भाजपा में विरोध, जनता भी नाराज। 
11-धार (अजजा) से सावित्री ठाकुर - क्षेत्र में विरोध
12-खरगौन से सुभाष पटेल - बदलने की संभावना
13-मंदसौर से सुधीर गुप्ता - स्थानीय स्तर पर विरोध, हारने की आशंका
13- भोपाल आलोक संजर: शिवराज सिंह की कृपा से जीत गए थे, जनता से संपर्क ही नहीं। 

इनके अलावा और किन सीटों पर नए प्रत्याशी चाहिए
मध्यप्रदेश में 29 लोकसभा सीटें हैं, जिसमें 26 बीजेपी और 3 कांग्रेस के पास हैं। बीजेपी जबलपुर, रीवा, भोपाल, इंदौर, दमोह और ग्वालियर सीटों पर पुराने चेहरों पर भरोसा जता सकती है। वहीं विदिशा सीट से सांसद सुषमा स्वराज के चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान कर दिया है। यहां से नया नाम चाहिए। कांग्रेस के कब्जे वाली झाबुआ, छिंदवाड़ा और गुना सीट पर भी नए चेहरे की तलाश की जा रही है। साथ ही बीजेपी की खजुराहो और शाजापुर सीट पर चुने गए सांसद अब विधायक बन गए हैं। इन सीटों पर भी नए चेहरे की तलाश शुरू हो गई है।