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4 छात्राओं ने मिलकर सहेली का MMS बनाया और ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी | CRIME NEWS



नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के कोरबा से समाज की बदलती तस्वीर आ रही है। यहां 4 छात्राओं ने एक प्लान बनाकर सहेली को उसके बीएफ से मिलने के लिए अपने घर में एक कमरा उपलब्ध कराया और फिर वीडियो बना लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि चारों छात्राओं ने बॉयफ्रेंड को वह वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। छात्र डिमांड पूरी नहीं कर पाया तो वह वीडियो फेसबुक पर अपलोड कर दिया। 

कोरबा छत्तीसगढ़ के कॉलरी क्षेत्र के कॉलोनी में संचालित स्कूल में पढ़ने वाली एक किशोरी के परिजन घर पर नहीं थे। उसने अपनी दो सहेलियों को बुलाया और स्कूल में ही पढ़ने वाली एक अन्य सहेली का एमएमएस स्कूल में ही पढ़ने वाले छात्र के साथ बनाने की योजना तैयार कर ली। बताया जा रहा है कि एक अन्य छात्रा से मोबाइल पर संपर्क कर उसे भी इस योजना में शामिल किया गया और पीड़ित छात्रा को झांसा देकर उसके बॉय फ्रेंड के साथ घर बुला लिए।

बॉय फ्रेंड के साथ उसका एक दोस्त भी पहुंचा था। जोड़े को एक कमरे में भेज दिया गया, जहां पहले से ही मोबाइल छिपाकर रखा गया था, जिसमें अश्लील वीडियो तैयार किया गया। बाद में एमएमएस में नजर आने वाले छात्र को इसे दिखाकर उसे ब्लैकमेलिंग करना शुरू कर दिया। बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ स्कूल की चार छात्राओं ने मिलकर किया। पीड़ित छात्र से आठ हजार रुपये की मांग की जा रही थी। उसके पास इतने रुपये नहीं थे और घर से भी मांग नहीं सकता था। उसके पास रोने-गिड़गिड़ाने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं था, लेकिन ब्लैकमेलिंग पर आमादा छात्राओं ने उसकी एक न सुनी।

पैसे नहीं मिलने पर एक छात्रा ने सारी सीमाएं लांघ दी और उसने खुद फेसबुक पर एमएमएस को अपलोड कर वायरल कर दिया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा सरगर्म हो गई और बात पीड़ित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों तक पहुंच गई। पीड़ित छात्रा के परिजनों ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस से की थी। मामले की जांच पड़ताल के बाद अब जाकर चार छात्रा व दो छात्र के खिलाफ अनाचार, ब्लैकमेलिंग, षड्यंत्र और पाक्सो एक्ट के तहत धारा 120बी, 376, 376डी, 506बी, 509ख व पाक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।

करीब एक माह पहले की घटना
दीपावली और छठ पूजा के बीच यह एमएमएस तैयार किया गया था, जिसे रुपये नहीं दिए जाने पर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया। सोशल मीडिया से पहले ही स्कूली छात्रों तक एमएमएस पहुंच गया था। बात परिजनों तक पहुंची तो सन्न रह गए। पहले तो मान मर्यादा की वजह से चुप रहे, पर पानी सिर से ऊपर चला गया था। आखिरकार पीड़ित पक्ष को पुलिस के पास जाना पड़ा। अभी नाबालिग अपचारियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई नहीं की गई है।

ज्यादातर बच्चों के हाथ में मोबाइल
इसके पहले भी अश्लील एमएमएस बनाने व सोशल मीडिया में वायरल किए जाने के कई मामले आए, पर जिस ढंग से चार छात्राओं ने मिलकर अपने ही सहपाठी के साथ जो षड्यंत्र रचा इसे सुन हर कोई दंग रह गया। स्कूली बच्चों के हाथ से मोबाइल व इंटरनेट दूर रखे जाने की सलाह शैक्षणिक संस्थान देते रहे हैं। इसके बावजूद देखा यह जा रहा है कि ज्यादातर स्कूली बच्चों के हाथ में यह खतरनाक उपकरण पहुंच चुका है। अब इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं।