RAHUL GANDHI: दादा पारसी तो राहुल दत्तात्रेय हिंदू ब्राह्मण कैसे हुए, पढ़िए, तीर्थ पुरोहित ने क्या बताया | NATIONAL NEWS

27 November 2018

NEW DELHI : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने हिंदू होने का प्रमाण दे दिया है। उन्होंने खुद को कौल ब्राह्मण बताया है और अपना गोत्र दत्तात्रेय बताया। इससे पहले तक भाजपा उनसे सवाल करती रही थी कि यदि वो ब्राह्मण हैं तो उनका गोत्र क्या है। अब जबकि गोत्र का रहस्योद्घाटन हुआ तो एक नया प्रश्न सामने आ गया। राहुल गांधी के दादाजी यानी इंदिरा गांधी के पति तो पारसी थे। फिर राहुल गांधी हिंदू ब्राह्मण कैसे हुए। आइए जानते हैं पुष्कर के तीर्थ पुरोहित राजनाथ कौल इस बारे में क्या कहते हैं: 

जब Feroze Gandhi पारसी थे तो राहुल गांधी हिंदू ब्राह्मण कैसे ? 


तीर्थ पुरोहित राजनाथ कौल का कहना है कि गांधी परिवार की पोथी से उन्होंने राहुल को बताया कि मोतीलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी और उनके पिता राजीव गांधी का गोत्र कौल दत्तात्रेय ही रहा। इस नाते उनकी दादी इंदिरा गांधी का गोत्र ही उनका गोत्र भी है। राहुल ने यह संदेश भी दिया कि वे दिखावे के जनेऊधारी हिन्दू नहीं बल्कि वे बाह्मण कुल के जनेऊधारी हैं। राहुल गांधी के तीर्थ पुरोहितों से जब ये पूछा गया कि उनके दादा फिरोज गांधी तो पारसी थे। क्या दादा की जगह दादी का गोत्र हो सकता है। कई पंडितों का कहना है पारसी समुदाय मे पत्नी को हिंदू धर्म की तरह पति का गोत्र नहीं दिया जाता है। ऐसे में पीहर के गोत्र का इस्तेमाल हो सकता है।

शादी के बाद Indira Gandhi ने धर्म परिवर्तन नहीं किया था


इंदिरा गांधी ने अपने मित्र फिरोज गांधी ने लव मैरिज जरूर की थी परंतु उनका धर्मांतरण नहीं हुआ था। दरअसल, पारसी समाज में ऐसी बंदिशें ही नहीं हैं। वहां पत्नी अपने मूलधर्म का पालन कर सकती है। इंदिरा गांधी सारा जीवन हिंदू ब्राह्मण ही रहीं और उन्होंने अपने पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू का गोत्र कौल दत्तात्रेय ही चलाया। दोनोें को गांधी सरनेम महात्मा गांधी ने दिया था। इसलिए 'गांधी' जोड़ लिया। 

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