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LIC: मात्र 3 माह के बच्चे के लिए सिंगल प्रीमियम बीमा योजना | BUSINESS NEWS

आज हम आपको बच्चों के लिए एलआईसी एक खास स्कीम के बारे में बता रहे है. इस पॉलिसी में 90 दिन के बच्चे को भी जोड़ा जा सकता है. इस पॉलिसी का प्रीमियम बहुत कम है. साथ ही, इसमें बोनस की सुविधा भी मिलती है. आइए जानें इसके बारे में...

इस पॉलिसी की खास बातें-

(1) इस बीमा को लेने की न्यूनतम आयु 90 दिन (एक वर्ष से भी कम)
(2) बीमा लेने की अधिकतम आयु 65 वर्ष
(3) परिपक्वता के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष
(4) परिपक्वता के लिए अधिकतम आयु 75 वर्ष
(5) पॉलिसी टर्म न्‍यूनतम 10 वर्ष से लेकर अधिकतम 25 वर्ष
(6) न्यूनतम बीमा राशि 50,000 रुपए
(7) अधिकतम बीमा राशि की कोई सीमा नहीं
(8) इस बीमा पॉलिसी से लोन ले सकते हैं.
(9) एलआईसी सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्लान एक सिंगल प्रीमियम प्लान है. इसमें निवेशक को केवल एक बार ही प्रीमियम देना होता है.

बीमा मैच्योरिटी से जुड़ी खास बातें

पॉलिसी मैच्योरिटी के समय (बीमाधारक की पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु नहीं होने पर) पॉलिसी धारक को बीमा राशि के अलावा निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस (Vested Simple Reversionary Bonus) और अंतिम अतिरिक्त बोनस का लाभ मिलता है. कंपनी हर वर्ष अंतिम अतिरिक्त बोनस या वार्षिक बोनस की घोषणा करती है, परन्तु यह धनराशि पॉलिसी अवधि की समाप्ति पर ही मिलती है. तब तक यह बोनस पॉलिसी में जुड़ता रहता है.

ऐसे समझें बोनस का गणित

अगर आपके पास 10 लाख रुपए का बीमा है, और LIC आपकी पॉलिसी के लिए 40 रुपए (प्रति 1,000 रुपए बीमा) के बोनस की घोषणा करती है. ऐसे में आपको 40,000 रुपए का बोनस मिलेगा. लेकिन यह बोनस राशि आपको हर वर्ष नहीं बल्कि पॉलिसी मेच्योर होने पर मिलेगी. लेकिन यह बोनस आपकी पॉलिसी में जुड़ता जाएगा. हालांकि बोनस गारंटीड नहीं होता है. इसके अलावा यह हर वर्ष कम या ज्यादा भी होता रहता है.


मरने के बाद मिलते हैं ये लाभ

पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में बीमा राशि के अलावा निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस दिया जाता है. मृत्यु के समय तक जितने भी reversionary बोनस की घोषणा हो चुकी है, वह सब मिलते हैं.

मैच्योरिटी राशि पर लगता है टैक्स

इस बीमा के मैच्योर होने पर मिलने वाली राशि पर निवेशक को टैक्स देना होता है. बहुत लोग Section 80C के तहत टैक्स बचाने के लिए जीवन बीमा योजना खरीदते हैं. लेकिन नियमों को पूरी तरह से जानना जरूरी है. अगर आपका प्रीमियम बीमा राशि के 10% से ज्यादा है, तो आपको मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर भी टैक्स देना होगा. यह Section 10 (10D) के तहत है.