मराठा आरक्षण: पुणे में 6 बसें जलाईं, रास्ते जाम किए, हाइवे पर हंगामा | NATIONAL NEWS

30 July 2018

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन की आग में आज पुणे शहर सुलगता हुआ नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने यहां पुलिस की मौजूदगी में 6 यात्री बसों में आग लगा दी। आरोप है कि पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हिंसा करने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की। पुणे में मराठा क्रांति मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया। पुणे-नासिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर हंगामा किया। इधर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बयान दिया है कि सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज हुए मामले वापस लिए जाएंगे। ताजा खबर आ रही है कि पुणे में मराठा प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने आंसू गैस दागे। पुणे में धारा 144 लागू कर दी गई है। 

पुलिस सबकुछ देखती रही

पुणे नासिक हाइवे पर मराठा क्रांति के कार्यकर्ताओं के हंगामे की वजह से यातायात व्यवस्था मामूली रूप से प्रभावित हुई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल की निष्क्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन वह प्रदर्शकारियों को बसों को आग के हवाले करने से नहीं रोक पाई। वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की बैठक के बाद राज्यपाल विद्यासागर राव को ज्ञापन सौंपा और कहा कि वह मराठा आरक्षण मामले में हस्तक्षेप करें। कांग्रेस ने मराठा समुदाय को 16 फीसदी आरक्षण देने की मांग की।

सीएम ने कहा सभी दल एकजुट हैं, फैसला किया जाएगा

बता दें कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें सभी दलों के नेताओं ने मराठा आरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को लेकर भी चर्चा की गई। सर्वदलीय बैठक करने के बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपील की कि स्थिति शांतिपूर्ण होनी चाहिए और कोई भी सख्त कदम नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट जमा करने के लिए पिछड़ा आयोग से अनुरोध किया गया है और फिर हम विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएंगे। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण पर सभी दलों का एक ही विचार है और हमने इस मामले पर सर्वसम्मति से खड़े होने का फैसला किया है।

सभी मामले वापस लिए जाएंगे

महाराष्ट्र के सीएम ने कहा कि मैंने डीजीपी को निर्देश दिया है कि लोगों के खिलाफ दर्ज मामले, विरोध-प्रदर्शन में भाग लेना, वापस लेना चाहिए। केवल पुलिसकर्मियों पर हमला करने जैसे गंभीर मामले, आग लगने आदि में शामिल होना वापस नहीं लिया जाएगा।
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