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HOSPITAL पहुंची राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, PATIENT हुए परेशान

GWALIOR: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मंगलवार को जिला अस्पताल मुरार में मरीजों की समस्या सुनने पहुंची थीं, लेकिन जिम्मेदार डॉक्टरों द्वारा व्यवस्था नहीं बनाने के कारण उनका यह दौरा मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन गया। सुबह आठ बजे से ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टर, राज्यपाल के आगमन के मद्देनजर व्यवस्थाएं बनाने में लगे रहे। इसलिए मरीज उनका इंतजार करते रहे। राज्यपाल 32 मिनट अस्पताल में रहीं। इस दौरान सुरक्षा के फेर में पुलिसकर्मियों ने मरीजों और उनके अटेंडेंट को बाहर ही रोक दिया। मेडिसिन विशेषज्ञ को दिखाने आए मरीज इंतजार करते रहे कि पुलिस हटे तो डॉक्टर को दिखाने जाएं। अस्पताल प्रबंधन ने कमियां छिपाने के लिए कुछ डॉक्टरों को इस काम में लगाया था कि मरीज राज्यपाल के पास अपनी समस्या लेकर पहुंच नहीं पाए।

निरीक्षण से पहले ठीक कीं सीढ़ियां
राज्यपाल 10:58 बजे जच्चाखाने पहुंची और 12 मिनट रुकीं। उन्होंने एसएनसीयू का निरीक्षण किया। इस दाैरान किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। जच्चाखाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसी दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी सरिता श्रीवास्तव ने राज्यपाल से सिविल सर्जन की शिकायत करते हुए कहा कि मेरी अलग-अलग जगह ड्यूटी लगाई जा रही है। राज्यपाल ने अधिकारियों को समस्या दूर करने के निर्देश दिए। राज्यपाल के एसएनसीयू पहुंचने से कुछ ही घंटे पहले टूटी सीढ़ियाें पर प्लास्टर किया गया। जब राज्यपाल गेट पर थीं तो प्लास्टर गीला होने के कारण कहीं-कहीं से उखड़ने लगा।

वार्ड में बांटे फल, पुलिस ने मरीजों को रोका
राज्यपाल ने वार्ड में मरीजों को फल वितरित किए। वार्ड के पास कमरे में मेडिसिन विशेषज्ञ मरीज देख रहे थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मरीजों को गैलरी में ही रोक लिया। राज्यपाल ने आईसीयू और डायलिसिस यूनिट देखने के बाद दवा स्टोर देखा।

फलों की डलिया देकर किया स्वागत
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के दौरे से पहले ही प्रशासनिक अफसरों को यह संदेश मिल चुका था कि उनका स्वागत फूलमाला और बुकों से नहीं होना है। जो लोग स्वागत करें वे फल एवं किताबें ही लेकर आएं। इसी कारण उन्हें जगह-जगह फलों की डलिया भेंट की गईं। बाद में इन्हें आंगनबाड़ी व स्कूल के बच्चों के बीच बांट दिया गया।