बीपी सिंह को मुख्य सचिव की कुर्सी छोड़नी होगी, जुलानिया की हो सकती है ताजपोशी

04 June 2018

भोपाल। प्रदेश के मुख्य सचिव बीपी सिंह की सेवावृद्धि का राज्य सरकार का प्रस्ताव केंद्र सरकार ने लौटा दिया है। अब 15 जून तक प्रदेश के नए मुख्य सचिव का नाम तय हो जाएगा और इसके साथ ही उन्हें कामकाज समझने के लिए राज्य मंत्रालय में ओएसडी नियुक्त कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बीपी सिंह ने एक नवंबर 2016 को मुख्य सचिव का पदभार संभाला था। उनका कार्यकाल 30 जून 2018 को समाप्त हो रहा है। चुनावी साल में सरकार की मंशा थी कि उसे प्रशासनिक फेरबदल नहीं करना पड़े, इसलिए उनकी सेवावृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन, केंद्र ने प्रस्ताव को अनुमति दिए बिना ही राज्य सरकार को वापस भेज दिया।

कौन हो सकता है नया मुख्य सचिव

अगले मुख्य सचिव पद के लिए यदि वरिष्ठता क्रम में देखा जाए तो वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव का नाम पहले आता है, लेकिन प्रदेश के इतिहास पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि किसी भी मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के आला अफसर को कभी मुख्य सचिव का पदभार नहीं सौंपा। शायद इसके पीछे वित्त विभाग द्वारा लगाए जाने वाला अड़ंगा रहता हो, हालांकि अपर मुख्य सचिव वित्त एपी श्रीवास्तव मुख्यमंत्री की पसंद की सूची में रहने वाले नौकरशाह हैं, लेकिन प्रशासनिक इतिहास पर नजरें डालें तो अन्य विभागों के अफसरों को वित्त विभाग की मनाही हमेशा से ही अखरती रही है, जो एसीएस एपी श्रीवास्तव को मुख्य सचिव की कुर्सी से दूर ले जा सकती है।

ईमानदार और निष्पक्ष रजनीश वैश्य

ऐसे में वरिष्ठता क्रम में मुख्य सचिव के पद के लिए अनुकूल नाम है नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रजनीश वैश्य (1985) का। रजनीश वैश्य अपने शांत स्वभाव और उपलब्धियों भरे कार्यकाल को लेकर जाने जाते हैं। सरल-सहज और ईमानदार नौकरशाहों की फेहरिस्त में शामिल रजनीश वैश्य का स्वभाव ‘न काहू से दोस्ती न काहू से बैर' वाला रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनको पसंद करते हैं। एनवीडीए के उपाध्यक्ष रहते हुए मैदानी स्तर पर 20 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य करना तथा किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की शिकायत से अपने आप को दूर रखना उनकी उपलब्धियों में शामिल है। 

मप्र के धाकड़ IAS राधेश्याम जुलानिया

दूसरा मुख्यमंत्री के सिपहसालारों में जो नाम उभरकर आता है, वह है मध्यप्रदेश शासन के तेज-तर्रार नौकरशाह राधेश्याम जुलानिया (1985) का। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो राधेश्याम जुलानिया प्रदेश सरकार के लिए उपलब्धियों के भंडार हैं। हालांकि रजनीश वैश्य जितने सहज, सरल और शांत हैं, राधेश्याम जुलानिया ठीक उसके उलट कलेक्टर, कमिश्रर और प्रमुख सचिव स्तर तक के नौकरशाहों को डांट पिलाने के लिए जाने जाते हैं। राधेश्याम जुलानिया का नाम सबसे ऊपर चलने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि राधेश्याम जुलानिया पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी भरोसा जता चुके हैं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का जुलानिया के बारे में स्पष्ट मत है कि यदि राधेश्याम जुुलानिया मुख्य सचिव बनते हैं तो मध्यप्रदेश में गुड गवर्नेंस की बेहतर उम्मीद की जा सकती है।
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