शिवराज के रिटायरमेंट वाले फैसले से 24 लाख बेरोजगार नाराज | MP NEWS

30 March 2018

भोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मप्र के 4 लाख उम्रदराज कर्मचारियों को खुश करने के लिए रिटायरमेंट की आयुसीमा बढ़ाने का ऐलान किया और इसी के साथ मप्र के करीब 24 लाख रजिस्टर्ड बेरोजगार नाराज हो गए। बता दें कि ये सिर्फ वो संख्या है जो सरकारी नौकरियों के लिए नियमित रूप से अप्लाई कर रही है जबकि मप्र में कुल बेरोजगारों की संख्या 75 लाख है। बेरोजगारों का कहना है कि रिटायरमेंट की आयुसीमा बढ़ाकर सीएम शिवराज सिंह ने उनके सामने नौकरियों के दरवाजे बंद कर दिए हैं। 

बेरोजगार सेना के संयोजक अक्षय हुंका का कहना है कि जिस प्रदेश में 23.90 लाख रजिस्टर्ड बेरोजगार हों, 75 लाख बेरोज़गार घूम रहे हों, वहां इस तरह का फैसला राजनीति से प्रेरित फैसला है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ़ बेरोजगार सेना पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी इस फैसले के खिलाफ कमेंट्स किए जा रहे हैं। 

CM ने बताया कारण क्यों बढ़ाई उम्रसीमा
इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि मेरे मन में भी दर्द है कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण पदोन्नति रूकी है औऱ हमारे कई मित्र बिना प्रमोशन के रिटायर हो रहे हैं, बिना प्रमोशन के कर्मचारी रिटायर ना हों इसलिए कर्मचारियों की रिटायरमेंट की सीमा साठ से बासठ साल करने का हमने फैसला किया है।

सुप्रीम कोर्ट में मामला भी सीएम के कारण ही अटका हुआ है
बता दें कि प्रमोशन में आरक्षण को मप्र हाईकोर्ट द्वारा अवैध ठहराया जा चुका है। सीएम शिवराज सिंह ने ही इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की और शिवराज सिंह ने सरकारी खर्चे पर नियुक्त किए गए महंगे वकीलों से अब तक यह नहीं कहा कि कि वो इस मामले को प्रमुखता से लेने का आग्रह करें या जल्द निर्णय कराने का प्रयास करें। 

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