
जिले के टिमरनी के नॉलेज पब्लिक स्कूल की वैन मंगलवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. इस हादसे में कथित तौर पर स्कूल प्रबंधन ने घायल बच्चों को घटनास्थल पर ही छोड़कर ड्राइवर को इलाज कराने के लिए ले जाने पर परिजन नाराज हो गए थे. उन्होंने विरोध में स्कूल में तोड़फोड़ करते हुए चक्काजाम कर दिया था.
तोड़फोड़ और बंद दोनों को लेकर जिले में स्कूल छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ अभिभावकों ने तोड़फोड़ किए जाने को गलत बताया है. उनका कहना है कि किसी भी बात का विरोध हिंसा के जरिए नहीं किया जाना चाहिए. वहीं, कुछ अभिभावकों का यह भी कहना है कि निजी स्कूलों को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए. प्रबंधन के लिए बच्चों की सुरक्षा उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होना चाहिए.
क्या हुआ था मंगलवार को...!
हरदा में 26 स्कूली बच्चों से भरा वाहन सड़क किनारे उतर गया और पलटते-पलटते बच गया था. इस घटना में ड्राइवर सहित सात बच्चों को सामान्य चोटें आईं. हैरत की बात यह रही कि मौके पर पहुंची एम्बुलेंस घायल बच्चों को छोड़कर ड्राइवर को लेकर रवाना हो गई.
मामला जिले के ग्राम भूराली टप्पर के पास का है, जहां ट्रक को ओवरटेक करने के कोशिश में सड़क से नीचे एक गड्ढे में उतर गई. घटना से बच्चे काफी सहमें हुए थे. सूचना मिलने पर 108 एम्बुलेंस स्कूल पहुचीं. घबराए हुए बच्चों को मौके पर छोड़कर एम्बुलेंस घायल ड्राइवर को लेकर रवाना हो गई थी.