
शासकीय लोक अभियोजक अरूण मिश्रा के अनुसार आदिवासी विकास विभाग सीधी के कर्मचारियों से मिलीभगत कर सरस्वती महाविद्यालय ताला मझौली के संचालक अवनीश कुमार शुक्ला द्वारा छात्रवृत्ति में करोड़ों की राशि का गबन किया गया था। जिसमें यूनियन बैंक शाखा कलेक्ट्रेट कैम्पस सीधी एवं केनरा बैक सीधी शाखा के द्वारा आदिवासी विकास विभाग से जारी राशि से छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा हुआ था। इस मामले को लेकर शिकायत होने पर कोतवाली सीधी में अपराध क्रमांक 164/15 धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादस के अंतर्गत आठ लोगों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया।
यूनियन बैंक कलेक्ट्रेट कैम्पस एवं केनरा बैंक सीधी के नाम से आदिवासी विभाग में उक्त प्राइवेट महाविद्यालय के खाते में जमा किये गये सभी चेकों के संबंध में जांच कराई गई जहां दोनों बैकों से जानकारी मांगी गई तब पाया गया कि 31 दिसंबर 2013 से 12 मार्च 2015 के मध्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रों के छात्रवृत्ति के नाम पर आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्राचार्य सरस्वती महाविद्यालय मझौली को चेक के माध्यम से करीब 3 करोड़ 6 लाख 44 हजार 940 रूपये जमा किया गया। उक्त राशि में पाया गया कि आरोपी अवनीश कुमार शुक्ला के खाते में छात्रवृत्ति की राशि में करीब 2 करोड़ 80 लाख 93 हजार आया है। जिसमें आदिवासी विभाग का लिपिक राजेश कुमार पाण्डेय एवं अवनीश शुक्ला तथा महेन्द्र यादव द्वारा अपराधिक षडयंत्र कर कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सीधी के साथ छात्रवृत्ति की राशियों में यह राशि अपने खाते में जमा करा लिये।
प्रकरणों के तथ्य एवं परिस्थितियों के विवेचना उपरांत विशेष न्यायाधीश एके पालीवाल द्वारा अहम फैसला सुनाते हुये आरोपी अवनीश कुमार शुक्ला उर्फ लाला पिता शिवनरेश 41 वर्ष निवासी झगरी थाना रामपुर नैकिन को धारा 420एवं 120 बी भादस के अपराध में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2 करोड़ रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। अर्थदण्ड की राशि न अदा करने पर डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना पड़ेगा। वहीं आरोपी राजेश कुमार पाण्डेय पिता रामलाल 50 वर्ष निलंबित लिपिक ग्रेड.2 निवासी डैनिहा को धारा 420 एवं 120 भादस के अपराध में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं दस लाख का अर्थदण्ड एवं महेन्द्र यादव पिता पन्नालाल 32 वर्ष निवासी गोड़बहरा थाना सरई को धारा 420 एवं 120 भादसं के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास एवं दस लाख के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है।