सरकारी कर्मचारी/अधिकारियों परफॉर्मेंस अप्रेजल सिस्टम

Wednesday, August 9, 2017

नई दिल्ली। पार्लियामेंट्री कमेटी ने सुझाव दिया है कि सिविल सर्विस में परफॉर्मेंस अप्रेजल सिस्टम उसी तरह से होना चाहिए, जिस तरह से मिलिट्री में होता है। कमेटी ने कहा कि अफसरों को उनकी परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट का कुछ हिस्सा दिखा देना चाहिए, जैसा आर्मी में किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया, "सरकार में टॉप लेवल पर ब्यूरोक्रेट्स के अप्वाइंटमेंट के लिए नए 360 डिग्री अप्रेजल सिस्टम को ज्यादा ट्रांस्पैरेंट और रूल बेस्ड बनाने की जरूरत है।" 

पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांस, लॉ एंड जस्टिस डिपार्टमेंट से जुड़ी पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट संसद में पेश की। रिपोर्ट में कहा गया, "केंद्र सरकार में ज्वाइंट सेक्रेटरी और उससे ऊपर के लेवल पर पोस्टिंग के दौरान इम्पैनलमेंट में शामिल संस्थान केवल एक ही सर्विस, IAS को प्रमुखता देते हैं। नॉन आईएएस सर्विस ऐसा मानती हैं कि इम्पैनलमेंट और प्लेसमेंट प्रॉसेस में IAS की तरफ ही झुकाव रहता है।

कई स्टेकहोल्डर्स इस पर चिंता पर भी ध्यान दिया गया। जिसमें कहा गया है कि सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत इम्पैनलमेंट (मनोनयन) में सभी पार्टिसिपेटिंग सर्विसेस को बराबरी का मौका नहीं मिल पा रहा है, खासतौर से नॉन-आईएएस सर्विसेस को।

प्रॉसेस में दूसरी सर्विसेस के अफसर भी हों
कमेटी ने कहा, "हम ऐसा महसूस करते हैं कि इम्पैनलमेंट और प्लेसमेंट प्रॉसेस को बोर्ड-बेस्ड बनाए जाने की जरूरत है। इसके लिए ज्वाइंट सेक्रेटरी और उससे ऊपर की पोस्टिंग प्रॉसेस में दूसरी सर्विसेस से जुड़े अफसरों को भी शामिल किया जाना चाहिए। अप्रेजल सिस्टम में थोड़ी पारदर्शिता और पवित्रता लाने की जरूरत है। इसके लिए एक मैकेनिज्म बनाया जाना चाहिए जिसमें कैंडिडेट के सामने भले ही पूरी रिपोर्ट का खुलासा ना किया जाए, लेकिन उसके बारे में थोड़ी जानकारी देनी चाहिए।

आर्मी का हवाला किसलिए दिया गया?
बता दें कि अप्रेजल और पोस्टिंग प्रॉसेस से जुड़े लोगों और एक्सपर्ट्स ने कमेटी को आर्मी के अप्रेजल सिस्टम के बारे में लिखा था। रिपोर्ट में कहा गया, "आर्मी की परफॉर्मेंस अप्रेजल प्रॉसेस के दौरान रिव्यू करने वाला अफसर एक तय रैंक तक अफिसर को असेसमेंट रिपोर्ट के बारे में बताता है। जिसके चलते कम आंकने या फिर कम प्वाइंट देने और काम के मामले में परेशानी जैसे मसले आर्मी में नहीं उठते हैं। ऐसी ही प्रॉसेस सिविल सर्विसेस में भी अपनाई जा सकती है।"

360 डिग्री सिस्टम सरकार की नई पहल
कमेटी ने कहा, "360 डिग्री अप्रेजल सिस्टम सरकार की नई पहल है। जिसमें ब्यूरक्रेट्स को केंद्र सरकार में टॉप लेवल पर अप्वाइंट करने के लिए ईमानदारी, साख और बैकग्राउंड की जांच के आधार पर परखा जाता है। सरकार को इस सिस्टम के लिए गाइडलाइन बनानी चाहिए और इसे नोटिफाई करना चाहिए।"

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें

mgid

Loading...

Popular News This Week