अटेर उपचुनाव: भाजपा और कांग्रेस दोनों नाराज, RE-POLL की मांग

Sunday, April 9, 2017

भोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच हुए सीधे मुकाबले का असर वोटिंग के बाद भी दिखाई दे रहा है। इधर कांग्रेस ने भाजपा पर फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया है तो उधर भाजपा ने भी कांग्रेस पर बूथ लूटने का आरोप जड़ दिया है। कांग्रेस ने 41 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की मांग की है तो भाजपा ने भी 41 से अधिक वोटिंग स्टेशन पर फिर से वोटिंग कराने की मांग की है। 

ये हैं कांग्रेस के आरोप 
प्रदेश कांग्रेस ने अटेर विधानसभा उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित जानलेवा हमले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने अटेर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सैकड़ों पोलिंग बूथ पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। अरुण यादव ने यह आरोप आज रविवार को एक पत्रकार वार्ता में लगाए। अरुण यादव ने 41 मतदान केंद्रों पर पुर्नमतदान कराये जाने की मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त से की है। 

अरुण यादव ने बताया कि कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा है। अरुण यादव ने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ भाजपा को अटेर विधानसभा उपचुनाव में अपनी हार नजर आ रही है। इसलिए भाजपा कार्यकर्ता गुंडागर्दी पर उतर आए हैं और उन्होंने सैकड़ों पोलिंग बूथ पर कब्जा कर लिया है। अरुण यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में महिला मतदाता जो पारंपरिक रूप से कांग्रेस की वोटर रही हैं उन्हें भी सैकड़ों पोलिंग बूथ पर वोट नहीं डालने दिया गया।

और ये है भाजपा की शिकायत
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री विष्णुदत्त शर्मा ने आरोप लगाया कि पहले दिन से कांग्रेस ने अटेर विधानसभा क्षेत्र में गलत दिशा में माहौल बनाने का दुष्प्रयास किया, क्योंकि उन्हें पराजय का अंदेशा था इसलिए कांग्रेस चुनाव में बाधा डालने के हथकंडे लगातार अपनाती रही है। उन्होनें कहा कि अटेर क्षेत्र के 6 पुलिस थानों के अधिकारियों को मतदान की पूर्व रात्रि डेढ़ बजे पद से हटाना और कानून व्यवस्था की लगाम गैर पुलिस अधिकारियों के हाथ में सौंपकर सीधे सीधे चुनाव अधिकारियों ने एकपक्षीय कार्यवाही करके असामाजिक तत्वों को जो कांगे्रस की शह पर उत्पात मचाने के लिए उतारू थे, उन्हें मौका दे दिया। 

उन्होनें बताया कि सांगरी मतदान केन्द्र पर भाजपा के चुनाव अभिकर्ता को मारने का प्रयास किया गया। कांग्रेस द्वारा बूथ कैप्चरिंग के प्रयासों की पर्यवेक्षक को समय-समय पर सूचना दी गयी और कार्यवाही की अपेक्षा की गयी, लेकिन पर्यवेक्षक एकपक्षीय कार्यवाही पर उतारू थे और उन्होनें भाजपा कार्यकर्ताओं, चुनाव अभिकर्ताओं की शिकायतों पर कोई गौर नहीं किया।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि अटेर विधानसभा उपचुनाव में आंध्र प्रदेश के चुनाव पदाधिकारी भंवरलाल की भूमिका ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण वातावरण में संदेह के घेरे में आ चुकी है, पार्टी ने स्थानीय रूप से भोपाल के स्तर पर और दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के स्तर पर शिकायत करते हुए भंवरलाल की संदेहास्पद भूमिका की जांच करने का आग्रह करते हुए उनके विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होनें कहा कि पूर्ववर्ती कलेक्टर, एसपी निर्भीकता से निष्पक्षता पूर्वक कार्य कर रहे थे, उनकी भूमिका कहीं संदेह के घेरे में नहीं थी, लेकिन चुनाव आयोग ने एकपक्षीय कार्यवाही करके उन्हें हटाया। पुलिस अधिकारियों को 6 थानों से हटाया गया और एवज में प्रभारी पुलिस अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गयी। जाहिर है कि प्रशासन में ढ़ील देकर स्वयं निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों और चुनाव पर्यवेक्षक ने दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बनाई। कांगे्रस भी ऐसा ही करके चुनाव बाधित कराना चाहती थी। वह चुनाव में अवरोध उत्पन्न करने में पीछे नहीं रही और उन्हें चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका पूरक के रूप में सहायक सिद्ध हुई।

श्री विष्णुदत्त शर्मा ने समूचे घटनाक्रम की जांच की मांग करते हुए अटेर क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा बूथ कैप्चरिंग किये जाने और पर्यवेक्षक के मौन दर्शक बने रहे के दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है और जांच के साथ ही 41 से अधिक चिन्हित मतदान केन्द्रों पर पुर्नमतदान की मांग की है। इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता श्री रजनीश अग्रवाल भी मौजूद थे।

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