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बिहार के बाद CHHATTISGARH में भी घटाई गईं बिजली की दरें

नई दिल्ली। बिहार सरकार ने बिजली की कीमतों में भारी कमी का ऐलान किया है। किसानों को 1.50 रुपए प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार भी चुनाव मोड में आ गई है। छत्तीसगढ़ राज्य नियामक आयोग ने शुक्रवार को बिजली की नई दरें घोषित कर दी, जिसमें आम उपभोक्ता को 30 पैसे तक सस्ती बिजली मिलेगी। हालांकि, किसानों को मिलने वाली बिजली में 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।

नई दरों से किसे फायदे?
घरेलू बिजली दरों में वृद्धि नहीं करने और बड़े उपभोक्ताओं के बिल से 30 पैसे प्रति यूनिट कम करने से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिली है। पहली बार बिजली के यूनिट के दरें राउंड फिगर में तय की गई है। साथ ही राज्य सरकार ने वीसीए चार्ज जोड़ा है, जिससे पूरे साल तक बिजली की दरें स्थिर रहेंगी।

कैसे तय हुआ रेट?
राज्य बिजली नियामक आयोग ने पुराने टैरिफ‌ में ‌वीसीए शुल्क जोड़कर नया टैरिफ प्लान तैयार किया है। घरेलु बिजली में पुराने टैरिफ 40 यूनिट तक 3.60 रुपए था. उसमें वीसीए शुल्क 18 पैसे जोड़े गए. राउंड फिगर में 3.80 पैसे किया गया, जिसमें एक पैसे की वृद्धि हुई.
वहीं 41-200 यूनिट तक पुराने दर 3.70 में 19 पैसे वीसीए शुल्क जोडकर राउंड फिगर में 3.90 किया गया है. वहीं, 1 पैसे की वृद्धि हुई है. 201-600 यूनिट तक पुरानी कीमत 5.20 रुपए थी, जिसमें 50 पैसे वीसीए शुल्क था. अब उसपर 30 पैसे की छूट देकर 5.40 किया गया है.
600 से ज्यादा पर 7.25 रुपए पर 50 पैसे बीसीए जोड़ने पर दर 7.75 में 30 पैसे कम करने पर 7.45 रुपए की गई है. कृषि बिल में 4.3 फीसदी की वृद्धि की गई है. इसमें तीन कटेगिरी है. पहली किसानों को 4.60 से 4.80 रुपये की गई है.
वैसे किसानों की बिजली राज्य सरकार वहन करती है. मछली पालक डेयर, बागवानी के किसानों की 10 पैसे मंहगी है. अब यह 5.60 से 5.70 पैसे हो गई है.
बिजली नियामक आयोग के सचिव पीएन सिंह का कहना है कि छोटे उपभोक्ताओं के बिल में 1 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि की गई है. बड़े उपभोक्ताओं के बिल में 30 पैसे तक छूट दी गई है. कृषि बिल में वृद्धि की गई है, लेकिन कृषि बिल राज्य शासन अदा करती है.
नई दरें का कैसा होगा स्लैब?
0-40 यूनिट तक 3.80 रुपए
41-200 यूनिट तक 3.90 रुपए