NEW DELHI NEWS | दिल्ली सरकार के डॉट्स केंद्रों, डिस्पेंसरी, स्वास्थ्य केंद्रों व स्वास्थ्य कार्यक्रमों में नियुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के करीब 2800 कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। इसमें 250 डॉक्टर भी शामिल हैं। कर्मचारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन भी किया। हड़ताल से डॉट्स केंद्रों व डिस्पेंसरी में मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा सकती हैं और बच्चों का टीकाकरण भी प्रभावित होगा।
टीबी इंप्लाई वेलफेयर एसोसिएशन दिल्ली के पदाधिकारियों का कहना है कि राजधानी में चल रहे 11 स्वास्थ्य कार्यक्रमों में एनएचएम के कर्मचारी नियुक्त हैं। उन कर्मचारियों और दिल्ली सरकार के अस्पतालों में नियुक्त कर्मचारियों के वेतन में बहुत ज्यादा असमानता है। सुप्रीम कोर्ट ने समान वेतन लागू करने के लिए आदेश दिया है। एसोसिएशन के महासचिव कुलदीप कोहली ने कहा कि कोर्ट के आदेश के तीन महीने बाद भी वेतन विसंगतियां दूर नहीं की गई हैं।
सरकार ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया, जिस वजह से हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा। एसोसिएशन के अध्यक्ष सतविंदर सिंह ने कहा कि हमें दिल्ली सरकार से बहुत उम्मीद थी, लेकिन सरकार की तरफ से पहल नहीं की गई।
हड़ताल से 25 चेस्ट क्लीनिक, 180 डिस्पेंसरी, 28 मेटरनिटी होम, 500 डॉट्स केंद्रों में मरीजों का इलाज प्रभावित होगा। बच्चों के टीकाकरण का दारोमदार भी बहुत हद तक इन्हीं कर्मचारियों पर है। ऐसे में बच्चों का टीकाकरण भी प्रभावित हो सकता है।
