YASHODA SEEDS के बीज घटिया निकले, कंपनी प्रतिबंधित

Updesh Awasthee
सुधीर ताम्रकार/बालाघाट। महाराष्ट के वर्धा जिले के हिगणघाट की यशोदा सीड्स के द्वारा उत्पादित धान एवं अन्य बीजों के बालाघाट जिले में विक्रय एवं भण्डारन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाटी ने अवगत कराया की इस कंपनी द्वारा बालाघाट जिले के किसानों को अमानक बीज प्रदाय किये जाने की शिकायत की गई थी जिसकी जांच के पश्चात यह कदम उठाया गया।

श्री त्रिपाठी ने बताया की YASHODA HYBRID SEEDS PVT. LTD द्वारा दिये गये प्रतिवेदन के अनुसार वर्ष 2016 में खरीफ की फसल की बुआई के लिये जिले में उनके अधिकृृत विक्रेता के माध्यम से 6 हजार 796 क्विंटल बीज प्रदाय किये गये थे। श्रीमति मेघा किशोर बिसेन सदस्य जिला पंचायत द्वारा वारासिवनी में नकली बीज वितरण की शिकायत की गई थी। जिसमें यह कहा गया था की यशोदा हाईब्रीड सीड्स प्राईवेट लिमिटेड के जयश्रीराम धान का बीज जो कृषि केन्द्रों की दुकानों द्वारा बेचा गया था धान बोने के बाद उसका अंकुरण नही पाया जिसके कारण किसानों का भारी क्षति हुई।

इस आधार पर जांच कर किसानों को मुआवजा देने की मांग की गई थी। शिकायत की पुष्टि के लिये कृषकों एवं कंपनी के अधिकृत डिस्टीब्यूटर से सपर्क कर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिये धानबीज भेजा गया एवं कपनी तथा उसके अधिकृत डिस्टीब्यूटर को कारण बताओं नोटिस जारी कर कृषकों की सूची प्राप्त की गई। जिसके आधार पर कृषकों से बीज वापस प्राप्त कर बीज की राशि बीज बदलकर दुसरी किस्म का बीज कृषकों को प्रदाय किया जाना पाया गया। 

इससे सिद्ध होता है कि बीज उत्पादक कंपनी यशोदा हाईबीड सीड्स प्राईवेट लिमिटेड द्वारा निम्नगुणवत्ता का बीज जिले के किसानों को बेचा गया जिससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पडी इसके साथ ही धान का उत्पादन एवं उत्पादकता प्राभावित होना संभावित है। श्री त्रिपाठी के अनुसार जांच में आये तथ्यों के आधार पर मेसर्स यशोदा हाइबीड सीड्स प्राईवेट लिमिटेड 248 लक्ष्मी टाकीज के पास हिगणघाट जिला वर्धा द्वारा उत्पादित समस्त किस्मों की धान एवं अन्य बीज का भण्डारन एवं विक्रेय 30 सितम्बर 2017 तक के लिये बालाघाट जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

यह उल्लेखनीय है कि जिले के सांसद बोधसिंह भगत द्वारा भी इस कंपनी का बीज खरीदा गया था जिसमें अंकुरण ना होने की शिकायत पाई गई थी उन्होने ने भी इस कंपनी के खिलाफ जांच की मांग की थी। कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने भी इस कंपनी को प्रदेश में ब्लेक लिस्ट कर देने के निर्देश दिये थे।

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