भोपाल। जिस सोशल मीडिया की दम पर भाजपा ने केंद्र में मोदी सरकार बनाई, अब उसी सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए सीएम शिवराज सिंह एक नया विभाग चाहते हैं। बता दें कि मप्र में सीएम शिवराज सिंह ने बड़े मीडिया घरानों को तो मैनेज कर लिया है। विज्ञापन नीति ऐसी बनाई है कि छोटे अखबार खुद ही दम तोड़ दें, लेकिन न्यूज बेवसाइट और सोशल मीडिया उनके लिए संकट बन गईं हैं। व्यापमं घोटाले से लेकर तमाम मामलों में शिवराज सरकार की किरकिरी सोशल मीडिया पर ही हुई। बाद में मजबूरन प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों को भी ऐसे विषय उठाने पड़े।
सीएम शिवराज सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में अंतरराज्यीय परिषद की 11वीं बैठक में अपने विचार रख रहे थे। इस दौरान उन्होंने सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये स्थापित नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड को सक्रिय करने का आग्रह किया है ताकि इस ग्रिड का लाभ राज्य के सूचना तंत्र को भी मिल सके। उन्होंने सोशल मीडिया के दुरुपयोग रोकने के लिये किसी संस्था को नोडल संस्था बनाये जाने का भी सुझाव दिया है। बैठक की अध्यक्षता पीएम नरेन्द्र मोदी ने की।
वादा निभाने बजट मांगा
इस दौरान सीएम शिवराज सिंह ने पुलिसकर्मियों के मकानों के लिए पुलिस आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत भवन मद में धनराशि उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के गठन के संबंध में अग्रिम भुगतान की व्यवस्था संशोधित करने की जरूरत बतायी। उनका कहना था कि कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिये कई बार तुरंत अर्द्धसैनिक बलों का गठन करना जरूरी होता है। वर्तमान व्यवस्था से इसमें देरी होती है। याद दिला दें कि सीएम शिवराज सिंह ने पुलिसकर्मियों के लिए नए मकान बनाकर देने का वादा किया है परंतु वित्त विभाग ने इसके लिए बजट नहीं दिया।
