ग्वालियर। ऐसा लगता है कि फसल पर ओले नहीं पड़े, बल्कि हार्वेस्टर लेकर पूरी फसल ही काट दी गई है। यही नहीं पत्थर खेत में पटके हैं। ये बातें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर के देहात इलाकों में फसल के नुकसान का जायजा लेते हुए कही।
मुख्यमंत्री चौहान सीधे राजधानी भोपाल से ग्वालियर आए और मुरार के बरई गांव में खेतों में किसानों के बीच पहुंच गए। फसल का नुकसान देखते ही मुख्यमंत्री ने दुखी होकर कहा कि फसल का बारिश और ओले से नष्ट होना किसान के लिए कष्टकारक है। ऐसा लगता है कि ओले नहीं आसमान से पत्थर बरसे हैं।
सरकार ज्यादा से ज्यादा सहायता देगी। इसमें फसल बीमा के अतिरिक्त मप्र सरकार प्रति हेक्टेयर अलग से मुआवजा देगी औऱ नकुसान का जायजा तीन विभाग लेंगे। उन्होंने कहा विकास कार्य रूकें तो रूक जाएं, पर किसानों को राहत देने में धन की कमी नहीं आने दी जायेगी।
तीन विभाग करेंगे नुकसान का आंकलन
सर्वे का काम राजस्व, कृषि एवं पंचायत विभाग का अमला संयुक्त रूप से करेगा, जिससे किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे। सर्वे की सूची ग्राम पंचायत भवन के सूचना पटल पर प्रदर्शित की जायेगी। सर्वे में किसी प्रकार की शिकायत होने पर किसान की संतुष्टि के लिये दुबारा सर्वे कराया जायेगा।