नई दिल्ली। हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इस मामले में कोई चूक नहीं हुई है। उन्होने इतने बड़े पैमाने पर हुए नुक्सान की जिम्मेदारी से साफ इंकार कर दिया है, बल्कि अपनी पीठ थपथपाने की कोशिश भी की। उन्होने अस्वीकार कर दिया कि आंदोलन को कंट्रोल करने में सरकार बिफल रही।
उन्होंने कहा कि जहां तक जानकारी की बात है तो खुफिया तंत्र से सूचना मिली थी कि आरक्षण को लेकर जाट विरोध-प्रदर्शन करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार की ओर से एक समिति का गठन किया गया है। तीन सदस्यों की समिति सभी मामलों की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। हमें समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। जब तक कोई रिपोर्ट नहीं आती है, उससे पहले राज्य सरकार को दोषी ठहराना गलत होगा।