भोपाल। जब किसी वर्ग के विशेषज्ञ घोटालों पर उतरते हैं तो उन्हें पकड़ना काफी मुश्किल हो जाता है और वो नियमों से फुटबॉल की तरह खेल जाते हैं। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भर्ती घोटाले में ऐसा ही खुलासा हुआ है। यहां आरक्षित पदों पर कब्जा करने के लिए प्रबंधकों ने विभागों के नाम ही बदल डाले। एक्वाकल्चर विभाग को एप्लाइड एक्वाकल्चर, एन्वायर्नमेंट साइंस विभाग को लिम्नोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री व जेनेटिक्स विभाग को जेनेटिक्स के नाम से विज्ञापित किया गया।
अब जांच शुरू हो गई है। अपाक्स के प्रदेशाध्यक्ष एपी पटेल एवं विवि के ही पूर्व फेकल्टी मेंबर दिनेश परमार जांच समिति के सामने सबूत पेश करेंगे। उनका आरोप है कि विवि ने भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत पदों को आरक्षित ही नहीं किया।
