काला चश्मा वाले का अनुशरण करो टीकमगढ कलेक्टर

Updesh Awasthee
रतीराम श्रीवास/टीकमगढ। कवि को बसंत मिल जाये तो कविता बन जाती है। पत्रकार को शब्द मिल जाये तो खबर बन जाती है। लोग कहते हे की पूत कपूत तो का धन संचय, पूत सपूत तो का धन संचय ? शब्दों से आषय है की अगर पुत्र गुणवान चरित्रवान संस्कारवान है तो उसके लिये धन की कोई आवश्यकता नही ऐसे संस्कारवान पुत्र को धन संग्रह करने की जरूरत नही है अगर पुत्र कुसंस्कारवान चरित्रहीन दुर्गुण बाला बन जाये तो संग्रह किया हुआ धन की उसके सामने कोई अहमियत नही है और वह धन मदिरापान मे नष्ट कर देगा। 

आइये हम खबर प्रकाशित कर रहे हैं रायपुर के कलेक्टर अमित कटारिया की ऐसे उच्च संस्कारवान पुत्र को जन्म देने बाले माता पिता धन्य हैं जिन्होने गुणवान पुत्र को जन्म दिया। बच्चो की प्रथम पाठशाला माता पिता ही होते हैं, जो उच्च संस्कारो का अनुसरण कराते चरित्रवान गुणवान बनाते हैं और पालन पोषण कर अच्छे वातावरण मे ढालते हैं। जो आज सभी विशेषताएं रायपुर के कलेक्टर अमित कटारिया मे दिखाई दे रही हैं। जो अपनी सैलरी मे से मात्र एक रूपया परिश्रम का लेते हैं और चापलूस नेताओ को साइड नही देते और ईमानदारी से बिना किसी राजनीतिक दबाब के ड्यूटी निभा कर पद की गरिमा बढा रहे हैं। जिससे आपकी प्रशंसा आज हर जुवाॅ पर सुनाई दे रही है। माता पिता प्रदेश सहित अपना नाम रोशन कर रहे हैं। आप खबर का शीर्षक की प्रदेश के समस्त कलेक्टर एवं टीकमगढ कलेक्टर श्री कटारिया के कदमों का अनुसरण क्यों नही करते। खबर इसके लिये बाध्य कभी नही करती कि आप सैलरी न लो बल्कि खबर इसके लिये बाध्य करती है की जिला मे जो भ्रष्टाचार गरीबी भूखमरी आत्याचार रिश्वतखोरी बढ रही है, इस पर अंकुश तो लगाओ। 

ऐसी कार्य योजना बनाओ जिससे सभी वर्ग को लाभ मिले जिससे आपकी भी प्रशंसा हो सके। धन्य हे ऐसे माता पिता को जिन्होने ऐसे गुणवान कलेक्टर श्री कटारिया को जन्म दिया। 

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