भिंड। पंचायती राज अधिनियम की धारा 100 मे इस्पस्ट उलेख हे कि पंचायत का कोई भी पदधारी या कर्मचारी अपने सगे संबधीयो को कोई लाभ के लिये कोइ संव्यवहार नही कर सकता यदि वह येसा करता पाया जायेगा तो उसके बिरुध पद से प्रथक कर आई पी सी की धारा 168 के तहत अभियोजित किया जायेगा।
बिगत चार बर्षो से जनपद मेहगांव मे कार्यरत कर्मचारियों एंव सचिवो व्दारा अपने पुत्र पति भतीजे भाईयों के नाम से मटेरियल सप्लाई की फर्मे रजिस्टरड करबा कर जनपद छेत्र के सरपंचो एंव सचिवों से तालमेल बिठा कर मनरेगा पंच परमेश्वर सांसद एंव विधायक निधि एंव सरकारी अन्य योजनाओं से हुये निर्माण कार्यों मे व्यय हुई धनराशि का भुगतान लगभग अस्सी प्रतिशत कर्मचारियों के सगे संबधियो के नाम की फर्मों को दिया गया हे सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से यह तथ्य उजागर हुआ हे जिसमे भारी भ्रष्टाचार की बू आ रही है।
आज भी जनपद के अंदर कर्मचारी कार्यरत हे इनके बिरुध कोई कार्यवाही सी ओ जनपद व्दारा नहीं की गई जिससे यह सावित होता हे कि शासकीय धन राशि की सामूहिक लूट मे सी ओ का एंव पिछले जनपद अध्यक्ष रामराजा गुर्जर के पति राजेन्द्र सिह गुर्जर की साजिश प्रतीत होती हे, क्योंकि मनरेगा मे पदस्थ महिला के सगे संबधियो की दो फर्मों दैवास ट्रेडस्र तथा सांई ट्रेड्रस मेहगांव के नाम से लगभग साठ प्रतिशत का भुगतान मटेरियल सप्लाई के नाम से लिया गया हे, इस भारी भरकम राशि मे उपर उल्लेखित नामो की मिली भगत के बगेर यह महा घोटाला कैसे संभव था इस अबैध धन आहरण प्रक्रिया मे लगभग करॊडो रुपये के धन की हेराफेरी की गई हे, जो गंभीर आपत्ति जनक हो कर दोसी कर्मचारियों को दंडित किये जाने योग्य हे, ताकि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गुड गबर्नेश ऐन्ड मिनिमम गवर्नमैंट की नीति सफलता पूर्वक जमीनी स्तर पर सफल हो सके ।

