प्रिय मतदाताओ, 2 मिनट इन प्रत्याशियों को भी दीजिए

भोपाल। सामान्यत: लड़ाई 2 ही दलों के बीच मानी जा रही है। भाजपा भारी और कांग्रेस की औपचारी, परंतु मैदान में तो दर्जन भर से ज्यादा प्रत्याशी हैं और मजेदार बात तो यह है कि उनके अपने अपने केल्क्यूलेशन भी हैं। कुछ तो जीत का गणित भी समझा रहे हैं तो कुछ बस शौक के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। 2 मिनट इन प्रत्याशियों को भी दीजिए :-

जीत तो हमारी ही होगी
अंदरूनी रूप से हमें जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। सभी विधानसभा क्षेत्रों के दौरे हमने कर लिए हैं और 2 लाख वोट का हमारा समीकरण बन गया है। झुग्गी झोपड़ी में हमें अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। दो दिन में हम तीन लाख वोट के करीब पहुंच जाएंगे और महापौर का चुनाव आसानी से जीत लेंगे।
दुलीचंद पटेल, बसपा, चुनाव चिह्न हाथी, एलआईसी एजेंट

भाजपा के 60-70 हजार वोट काट लेंगे
मैं पहली बार चुनाव में खड़ा हुआ हूं और हमारी पार्टी के 20 पार्षद प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव प्रचार का खर्चा तो हमारे यार-दोस्त उठा रहे हैं। वैसे तो हमें उम्मीद है कि 60-70 हजार वोट हमें मिल जाएंगे लेकिन यदि मां जगदम्बा की कृपा हुई तो जीत भी सकते हैं।  इसके लिए हम घर-घर जा रहे हैं।
रंजीत सिंह ठाकुर
शिवसेना, चुनाव चिह्न तीर कमान, प्रोपर्टी ब्रोकर

मुझे चुनाव लड़ने का शौक है
मैं 2004 से चुनाव लड़ रहा हूं और मुझे चुनाव लड़ने का शौक है। मई में लोकसभा के लिए जो चुनाव हुए थे उसमें सांसद का चुनाव भी लड़ा था जिसमें मुझे 1890 वोट मिले थे। इसके अलावा वार्ड 19 से पार्षद का चुनाव भी लड़ रहा हूं। महापौर बनते ही पार्षद की सीट छोड़ दूंगा। इस बार वोट की संख्या बढ़ेगी और टारगेट जीत का है। लोकल भोपाल से मुझे समर्थन मिल रहा है। प्रचार के लिए एक्टीवा गाड़ी और एक निजी गाड़ी का उपयोग कर रहा हूं। अदालत में काम के बाद प्रचार के लिए निकल जाता हूं।
एडवोकेट अब्द्ल ताहिर
लोक जनशक्ति पार्टी, चुनाव चिह्न बंगला, वकालात

भेल के वोटों से जीत जाएंगे चुनाव
भोपाल शहर की समस्यों को दूर करने के लिए मैं चुनाव में खड़ा हुआ हूं। मैं 21 सालों से समाजसेवा कर रहा हूं और जनता का समर्थन मुझे हासिल है। मुझे तो भेल की जनता चुनाव लड़वा रही है। विधानसभा चुनाव में मेरी जगह गोविंद गोयल को टिकट दे दिया गया था। इसके बाद भेल में 10 हजार लोगों ने भारतीय आवाम पार्टी बनाई और मुझे मेयर बनाने के लिए भेल की साढ़े तीन लाख जनता आगे आई।  इस तरह भेल में हमें लीड मिलेगी। झुग्गी झोपड़ी और कांग्रेस के वोट भी हमें मिलेंगे। इस तरह हम जीत के करीब हैं। जीतने पर हम  नर्मदा जल को फ्री कर देंगे, सड़कों पर रोज झाड़ू लगवाएंगे।
पक्ष खाम्बरा
निर्दलीय, चुनाव चिह्न नल, बिल्डर

ये चुनाव नहीं अहिरवार समाज का शक्तिप्रदर्शन है
22 सालों से समाजसेवा कर रहा हूं और अपनी जूतों की दुकान चला रहा हूं। 2004 में पार्षद का चुनाव लड़ा था और अब सीधे महापौर का चुनाव लड़ रहा हूं। इस बार के टिकट वितरण में अहिरवार समाज को कोई तवज्जो ही नहीं दी जिसका मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं। विशेष वर्ग का वोट इस बार हमें मिलेगा और भाजपा और कांग्रेस की हवा गुल हो जाएगी। मैं अपने समाज के लोगों की बैठक कर चुका हूं और 40-45 वार्डों में संपर्क भी कर चुका हूं। खर्चे की मुझे चिंता है नहीं, जहां भी जाता हूं वहां मुझे चाय पिलाई जाती है। एससी, एसटी और ओबीसी के साढ़े तीन लाख वोट की मदद से मैं चुनाव जीत रहा हूं।
महेश नंदमेहर
निर्दलीय, चुनाव चिह्न स्लेट, दुकानदार

बागी कांग्रेसियों की अघोषित पार्टी जीतेगी
कई साल कांग्रेस में काम करने के बाद भी हमें पार्षद तक का टिकिट नहीं दिया। एेसे बागियों को हमने एक कर दिया है आैर अपने साथ 15 से ज्यादा पार्षद उम्मीदवारों को खड़ा किया है। भोपाल में तीन लाख मुस्लिम हैं, वह सारे वोट मुझे मिलेंगे। इसके अलावा कांग्रेस के वोट भी मुझे मिलेंगे। कुल 10 लाख की वोटिंग होगी जिसमें से 9 लाख तो मेरे ही वोट हैं। कांग्रेस-भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा। इसके लिए हम धुंआधार प्रचार कर रहे हैं।
रईस बब्लू
निर्दलीय, चुनाव चिह्न गिलास, नेतागिरी

लोकप्रियता से डरे भाजपा वाले मारने की धमकी दे रहे हैं
मैं तो जीत के इतने करीब हूं कि मुझे भाजपा वाले जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसकी शिकायत मैंने छोला मंदिर थाने में गुरूवार को की है। मैं वार्ड 75 से पार्षद का टिकट मांग रहा था लेकिन 5 तारीख तक मुझे मूर्ख बनाते रहे। मैंने 350 समाज के मुखियाओं के साथ मीटिंग कर ली है। मेरा कैलकुलेशन है कि ढाई लाख भाजपा को, डेढ़ लाख कांग्रेस को और बाकी के वोट मुझे मिलेंगे जिससे मैं अासानी से जीत जाऊंगा। इसके लिए मैंने 85 बाईक रैली निकाली हैं और दो गाडि़यो से डोर टू डोर प्रचार कर रहा हूं। मेेरे पास भले ही एक भी वाहन नहीं है लेकिन प्रचार से सरकार इतना घबरा गई है कि मुख्यमंत्री पूरे कुनबे के साथ रोड पर उतर आए हैं। 
विष्णु गोस्वामी
निर्दलीय,चुनाव चिह्न रेडियो, समाजसेवी

20-30 हजार वोट तो ले ही जाएंगे
हम चुनाव जीतने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं और इसके लिए घर-घर जाकर मिल रहे हैं। जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। हमें उम्मीद है कि 20-30 हजार वोट मिल ही जाएंगे और यदि किस्मत रही तो जीत भी सकते हैं। जनता कुछ भी कर सकती है।
कोमलसिंह मीना
निर्दलीय, चुनाव चिह्न चाबी, प्राइवेट जॉब

वोट तो मरे ही पक्ष में गिरेंगे
20 साल से कांग्रेस पार्टी में काम कर रहा था और फिर आम आदमी पार्टी से जुड़ गया। दिन में नगरीय विकास और पर्यावरण विभाग के आयुक्त संजय शुक्ला जी के दफ्तर में ड्यूटी करता हूं और जब समय मिलता है उसमें चुनाव प्रचार कर रहा हूं। सुर्दशन समाज, वाल्मिकी समाज और अन्य समाज के समर्थन से 3 लाख वोट तो मिल ही जाएंगे जिससे जीत पक्की है।
जितेंद्र शर्मा
निर्दलीय, टेबल लैंप, प्राइवेट जॉब

रिश्वतखोरी के खिलाफ लड़ रहा हूं चुनाव
मैं तो ठेकेदारी करता हूं। मेरी लेबर परेशान हो रही थी, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए मैं चुनाव लड़ रहा हूं। हमें अपने काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। 40-50 वार्डों में चुनाव प्रचार हो गया है। भाग्य जोरदार हुआ तो हम ही जीतेंगे। चुनाव में पैदल बहुत चलना पड़ता है जिसकी हमें आदत नहीं है इसलिए कुछ घंटे ही प्रचार कर पा रहे हैं।
दीपक चावला
निर्दलीय,सूरजमुखी, ठेकेदार

चार प्रत्याशियों ने भरा गलत मोबाइल नंबर और एक प्रत्याशी मोबाइल ही नहीं उठा रहे...

परमजीत कौर ने फार्म तो भर दिया लेकिन कांटेक्ट के लिए अपने पड़ोसी गोविंद राव का नंबर दे दिया। फार्म के साथ गलत नंबर देने से गोविंद राव परमजीत से कांटेक्ट करने वालों से परेशान हो रहे हैं।

इन तीन प्रत्याशियों ने मोबाइल नंबर गलत भरा है
मुनेश चंद्र मित्तल-इलेक्ट्रिक स्विच
प्रभावती शाक्य-बैलून
मोहम्मद खालिद-रोड रोलर

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