भोपाल। भाजपा को पिछले पांच सालों में मप्र में 500 दानदाताओं ने करीब छह करोड़ रुपए का चंदा दिया। इसमें सर्वाधिक 40 लाख रुपए नागदा की ग्रेसिम और उसके बाद 11 लाख रुपए भोपाल की जीआई इंडस्ट्रीयल सिस्टम ने दिए।
नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) द्वारा शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में कांग्रेस को केवल नौ ऐसे दानदाता मिले जिन्होंने 20 हजार रुपए से अधिक दान दिया और यह सभी कांग्रेस के नेता हैं। भाजपा को चंदा देने वाले 500 लोगों में 67 बिल्डर, एक दर्जन निजी अस्पताल और आधा दर्जन से अधिक शिक्षण संस्थान शामिल हैं।
पार्टी के 25 नेताओं ने भी 20 हजार से अधिक का चंदा दिया। एडीआर के जगदीप चोकर और सचिन जैन ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि राजनीतिक दल बड़े पैमाने पर कूपन के जरिए राशि जुटाते हैं। नगद में इकट्ठी होने वाली इस राशि का कोई हिसाब नहीं होता, लेकिन चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को 20 हजार से अधिक का चंदा देने वालों के नाम सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ने जो जानकारी दी है उस हिसाब से उसकी आय का केवल 8.85 प्रतिशत हिस्सा 20 हजार से अधिक का चंदा देने वालों से मिला है। भाजपा के मामले में यह 19.46 प्रतिशत है।
॥हम घोषित रूप से धन संग्रह करते हैं। कांग्रेस यह नहीं बताती कि उसके नेता हैलीकॉप्टर से घूमने के लिए पैसा कहां से लाते हैं?
डॉ हितेष वाजपेयी
मीडिया प्रभारी भाजपा
॥भाजपा ने बड़े लोगों और बड़ी कंपनियों से चंदा बटोरकर उन्हें फायदा पहुंचाया। यही वजह है कि मप्र में हर क्षेत्र में माफिया राज क्यों पनप रहा है?
कांतिलाल भूरिया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
इन्होंने दिया भाजपा को चंदा
भाजपा को दान देने वालों में जहां नुमा पैलेस होटल (पांच लाख), शुभ रियलटी पांच लाख, सोम डिस्टलरी (पांच लाख), वीके शर्मा (पांच लाख), एजी 8 वेंचर्स लिमिटेड (चार लाख), विंध्याचल डिस्टलरी (तीन लाख) रुपए शामिल हैं। पार्टी के 500 बड़े दानदाताओं में से 491 ऐसे हैं जिन्होंने एक लाख रुपए या उससे अधिक दान दिया है।
कांग्रेस को इनसे मिला चंदा
कांग्रेस को सर्वाधिक 39,600 रुपए का चंदा विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने दिया। विधायक रामनिवास रावत ने 38,400 रुपए दिए। इसके अलावा ललित जैन (इंदौर), चंद्रमोहन (जबलपुर), विष्णु राजौरिया (भोपाल), साजिद अली (भोपाल), मानक अग्रवाल (भोपाल), मनोहर बोथरा (उज्जैन) और घनश्याम पाटीदार (नीमच) शामिल हैं।