विदिशा कांड में सरकार का यूटर्न: हंगामा मत करो, नौकरी ले लो

shailendra gupta
भोपाल। विदिशा कांड के बाद नकली दवाओं के मकड़जाल में फंसी मध्यप्रदेश सरकार ने हंगामे को दबाने के लिए मृतक महिलाओं को 1-1 लाख रुपए का मुआवजा एवं परिजनों को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है। सनद रहे कि नसबंदी शिविर में इंजेक्शन के इन्फेक्शन से हुई दो महिलाओं की मौत के बाद मध्यप्रदेश में नकली दवाओं की सप्लाई का मुद्दा उठने लगा था। 

बीते दिनों त्योंदा विदिशा में आयोजित हुए नसबंदी शिविर के दौरान लगाए गए इंजेक्शनों से महिलाओं की हालत गंभीर हो गई थी एवं दो महिलाओं गुलाब बाई एवं आरती बाई की मौत हो गई थी। इस मौत के बाद सरकार का प्रदर्शन बिल्कुल वैसा ही था जैसा कि सामान्यत: सरकारों का हुआ करता था। किसी भी प्रकार की संवेदनशील कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही थी। 

महिलाओं के परिजनों को चुप कराने के लिए सरकार ने 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भेजकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली थी, लेकिन महिलाओं के परिजनों ने सहायता राशि लौटा दी और यहीं से शुरू हुआ हंगामा। 

गांववाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसी बीच कांग्रेस इस मामले में कूद गई और सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मिलावटी दवाओं की सप्लाई की गई है और ऐसे ही नकली इंजेक्शन के कारण महिलाओं की मौत हुई। 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज का निर्वाचन क्षेत्र और नकली दवाओं का मुद्दा उठते ही सरकार हरकत में आई और मामले को दबाने के लिए आज स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा की कि वो मृतक महिलाओं के परिजनों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा एवं एक-एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देंगे। 


6 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर 


इस मामले की जांच कराने तक को तैयार न होने वाली सरकार ने आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग के उन सभी 6 अधिकारी, कर्मचारियों (डॉ नत्थी अहिरवार, नर्स ज्योति, किरण, मीना, कृष्णा एवं कपिल जैन कंपाउण्डर) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए जो इस शिविर के आयोजन में शामिल थे। 

युवक कांग्रेस ने फूंका पुतला


विदिशा में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंका एवं नकली दवा की सप्लाई मामले की पूरी जांच कराने की मांग की। 

देखना यह है कि सरकारी सहायता देकर पीड़ितों को चुप कराने की सरकारी कोशिश के बाद अब कांग्रेस इस मामले में क्या स्टेप लेती है। क्या कांतिलाल भूरिया मध्यप्रदेश में नकली दवाओं की सप्लाई का मामला आगे बढ़ाएंगे या वो भी...। 

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