दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा: हम मध्यप्रदेश पुलिस से बहुत बेहतर हैं

shailendra gupta
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस के आयुक्त ने बीते रोज मीडिया के सामने वीडियो प्रेजेंटेशन देकर यह बताया कि दिल्ली पुलिस की दहशत देश के दूसरे शहरों की तुलना में ज्यादा है और यहां अपराध कम होते हैं। इस तुलनात्मक अध्ययन में पुलिस कमिश्नर ने मध्यप्रदेश पुलिस को सबसे कमजोर पुलिस बताया और साबित किया कि मध्यप्रदेश के अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है। 


बेशक पुलिस आयुक्त ने दिल्ली को दुष्कर्म के मामले में अन्य महानगरों से आगे मानने से इंकार कर दिया है। उन्होंने प्रोजेक्टर से आंकड़े दिखाकर इसे साबित करने की भी भरपूर कोशिश की कि देखिए दिल्ली से ज्यादा अन्य शहरों में दुष्कर्म की वारदातें अधिक होती हैं। लेकिन अगर इन आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो दिल्ली पुलिस की चालाकी साफ नजर आती है। आंकड़े में दिल्ली की तुलना देश के कुछ महत्वपूर्ण शहरों से की गई है। 

आंकड़े प्रति एक लाख आबादी पर आनुपातिक रूप में हैं। मध्यप्रदेश के चार शहरों भोपाल, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में प्रति लाख आबादी के हिसाब से दुष्कर्म की वारदातें अधिक हैं। वहीं एनसीआर के शहर फरीदाबाद में भी दुष्कर्म की वारदात अधिक है। इन शहरों के बढ़े हुए आनुपातिक आंकड़ों को दिखाकर पुलिस आयुक्त यह भूल गए कि उन्हीं द्वारा उपलब्ध करवाए गए आंकड़ों में मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बंगलौर में आनुपातिक रूप में दुष्कर्म की घटनाएं कम हुई हैं। 

एक महानगर की तुलना निश्चित रूप से महानगर से ही की जाएगी न कि मध्यप्रदेश के शहरों से। दुष्कर्म की बढ़ती वारदातों को लेकर सालाना प्रेस वार्ता में जब पुलिस आयुक्त से सवाल किया गया कि क्या दिल्ली रेप कैपिटल है। तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि कई ऐसे शहर हैं जहां दुष्कर्म की वारदातें राजधानी की तुलना में बहुत ज्यादा हैं।

दिल्ली पुलिस ने नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) पर आधारित वर्ष 2011 के आंकड़े दिए हैं। इस आंकड़े में देश के 12 शहरों की तुलना की गई है। इन शहरों में दिल्ली के अलावा मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, भोपाल, फरीदाबाद, इंदौर, जबलपुर, मेरठ, बंगलौर, हैदराबाद और ग्वालियर शामिल हैं। आंकड़े के हिसाब से सिर्फ भोपाल, फरीदाबाद, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में ही अनुपातिक स्तर पर दुष्कर्म की वारदातें ज्यादा हैं। इनमें से चार शहर सिर्फ मध्यप्रदेश के हैं। चेन्नई और कोलकाता में तो दिल्ली की तुलना में दुष्कर्म की वारदातें काफी कम 0.9 और 0.3 हैं। इसके अलावा मुंबई और बंगलौर में भी अनुपातिक स्तर पर दुष्कर्म की वारदातों की संख्या 1.2 और 1.1 है। वहीं दिल्ली में आनुपातिक संख्या 2.8 है।
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