भोपाल। IGNOU यूनिवर्सिटी ने बीते रोज एक ऐसा कारनामा कर दिखाया कि खंडवा के 100 संविदा शिक्षक ठगे से रह गए। यूनिवर्सिटी के भोपाल आफिस ने इन शिक्षकों के परीक्षा फार्म हेडक्वार्टर भेजे ही नही। अब ये 100 शिक्षक परीक्षा नहीं दे पाएंगे और न ही इनका प्रमोशन समय रहते हो पाएगा।
इस मामले की जानकारी देते हुए समीर आमीन शेख ने बताया कि IGNOU नाम के नामचीन और भरोसेमंद पत्राचार विश्वविद्यालय ने लगभग 100 संविदा शिक्षकों के भविष्य को दाँव पर लगा दिया है। म.प्र. के संविदा शिक्षक जो नॉन BEd/DEd हैं, वे तब तक अध्यापक नहीं बनते,जब तक कि वे BEd/DEd ना कर लें।
संविदा शिक्षकों को पत्राचार BEd/DEd कराने के लिये IGNOU अधिकृत है। खंडवा PGBT स्टडी सेंटर के BEd प्रथम वर्ष के लगभग 100 शिक्षक समय पर परीक्षा फॉर्म और फीस जमा करने के बाद भी दिसंबर 2012 की 8 दिसंबर से शुरु होने वाली सत्रांत परीक्षा देने से वंचित रह गये हैं, क्योंकि IGNOU भोपाल द्वारा गलती से उनके फॉर्म IGNOU दिल्ली को भेजे ही नहीं गये, है ना आशचर्यजनकl
खंडवा PGBT की IGNOU BEd की प्रमुख डॉ.ज्योति राठौर (mob. 09926063066 ,off. 07332248101 ) 06/12/12 को स्वयं IGNOU क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल (off. 07554274533 , 07552570517 ) पहुँची, जिनको वहाँ से जबाब मिला कि, अब तो ये शिक्षक अगले साल ही परीक्षा दे पायेंगे,वो भी फिर से परीक्षा फॉर्म और फीस के बादlअब कोई बतायेगा कि अभी IGNOU द्वारा फीस में जमा लगभग 30000 /- का क्या होगा?उनसे ऐसी गंभीर और बेबकूफी भरी गलती क्यों हुई? शिक्षकों के एक साल के मानसिक और आर्थिक नुकसान का क्या होगा? क्या मीडिया मदद के लिये आगे आयेगा?यह एक गंभीर मुद्दा है।
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