अमित शाह की रैली को खतरा, भाजपाईयों का बीमा कराया जाएगा | NATIONAL NEWS

Monday, February 12, 2018

नई दिल्ली। हरियाणा के जींद में जाटों की जिद ने भाजपा को परेशानी में डाल दिया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस बाइक रैली का नेतृत्व करने वाले हैं, जिसे जाटों ने जींद सी सीमाओं में घुसने से रोकने की चेतावनी दी है। संघर्ष संभावित है। किसी भी अप्रिय स्थिति से इंकार नहीं किया जा सकता। भाजपा अपनी रैली टालना नहीं चाहती और जींद में जाटों की जिद जारी है। भाजपा नेताओं ने तय किया है कि रैली में आने वाले कार्यकर्ताओं का सामूहिक बीमा कराया जाए। सोनीपत की कैबिनेट मंत्री कविता जैन और प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने इसकी पहल की है। 

भाजपा की रैली के विरोध में जाट आरक्षण संघर्ष समिति ट्रैक्टर पर न्याय यात्रा निकालने का फैसला ले चुकी है, वहीं दूसरी तरफ बाइक पर भाजपा कार्यकर्ता जींद रैली में जाएंगे। कार्यकर्ताओं का हौंसला बढाने के लिए भी बीमा पॉलिसी देना तय किया गया है। प्रदेश में भाजपा ने हर बूथ से पांच बाइक और हर विधानसभा से 1100 से अधिक बाइक रैली में शामिल करने का टारगेट दिया है। 

जींद बाइक रैली के लिए प्रचार के साथ बाइक ले जाने वालों के रजिस्ट्रेशन हलका स्तर पर किए जा रहे हैं। सोनीपत हलके के कार्यकर्ताओं को एक्सीडेंटल सिक्योरिटी देने के लिए बीमा पॉलिसी दी जाएगी। बाइक रैली में शामिल होने वाले प्रत्येक कार्यकर्ता का 3 लाख रुपए तक का एक्सीडेंटल बीमा करवाया जाएगा। बीमा पॉलिसी की राशि का खर्च महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन अपने स्तर पर उठा रही हैं। इसके लिए रविवार को सोनीपत में रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं की अहम बैठक भी बुलाई गई है। 

प्रदेश स्तर पर रिहर्सल और जानकारी देने का भी दौर चल रहा है। बाइक चालकों के लिए एक-दो दिन में रूट प्लान भी तय किए जाएंगे। सोनीपत जिले के विधानसभा क्षेत्रों के बाइक सवार कार्यकर्ता अपने हलकों से निकलकर गोहाना में इकट्ठा होंगे। इसके बाद जींद पहुंचेंगे। इसी तरह हिसार, कैथल, रोहतक, पानीपत व करनाल, अंबाला की तरफ से आने वालों के लिए रूट तय किया जाएगा। 

हालात तनावपूर्ण, संघर्ष की स्थिति में बीमा काम नहीं आएगा
हालात तनावपूर्ण हैं। हरियाणा पुलिस और सरकार भी चिंता में है। मामला अमित शाह की बाइक रैली का है इसलिए कदम पीछे भी नहीं हटा सकते। इधर बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि सामूहिक दुर्घटना बीमा का लाभ, गुटीय संघर्ष की स्थिति में नहीं मिलेगा। सामूहिक दुर्घटना बीमा बेहद सस्ता बीमा होता है जो केवल एक यात्रा के दौरान एक्सीडेंट की स्थिति में ही दिया जाता है। इसमें केवल मृत्यु होने पर, हमेशा के लिए विकलांग हो जाने पर या किसी एक अंग के बेकार हो जाने पर ही बीमा क्लैम दिया जाता है। 

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