मंत्री के सामने पीने का पानी मांगने वाले किसान को 18 घंटे की कैद

Friday, September 22, 2017

कमलेश सारड़ा/नीमच। यहां किसान सम्मेलन के दौरान प्रभारी मंत्री अर्चना चिटनीस की मौजूदगी में विधायक दिलीप सिंह परिहार से पीने का पानी मांगने वाले प्यासे किसान को 18 घंटे तक कैद में रखा गया। यह एक ऐसा जुर्म था जिसकी ना कोई एफआईआर हुई और ना ही सुनवाई। एसडीएम ने मौके पर ही सजा सुना दी और पुलिस ने थाने में बंद करके सजा का पालन करवा दिया। बता दें कि इससे पहले सिवनी में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने महिला अधिकारी को दुत्कार कर भगा दिया था। राजगढ़ में यशोधरा राजे की नाराजगी के चलते एक दिव्यांग को पुलिस ने धक्के देकर निकाल दिया था। सतना में ओमप्रकाश धुर्वे ने तहसीलदार को भरे मंच से गालियां दीं थीं और अब मंत्री अर्चना चिटनीस के सामने पानी मांगने का दुस्साहस करने वाले किसान को कैद। सारे घटनाक्रम किसान सम्मेलनों के ही हैं। 

मध्यप्रदेश के नीमच में 19 सितम्बर को स्थानीय स्कूल मैदान क्रमांक 2 में किसान सम्मलेन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जहां जिले से हजारों किसानों ने इस सम्मलेन में भाग लिया। इस किसान सम्मलेन का उद्देश्य सरकार की योजनाओं से किसानों को अवगत करवाना व  किसानों को फसल बीमा के चैक वितरित करना था। सम्मलेन में प्रभारी मंत्री अर्चना चिटनीस सहित जिले के तीनों विधायक व् प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मंच से भाषण चल रहे थे कि सरकार किसानों का कितना ध्यान रखती है और कार्यक्रम स्थल पर पेयजल का प्रबंध नहीं था। 

नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार मंच से भाषणों के दौरान किसानों से बातचीत कर रहे थे। समस्याएं पूछ रहे थे इसी दौरान एक किसान उठकर खड़ा हुआ और बोला विधायक महोदय हमें प्यास लग रही है, पानी की व्यवस्था कर दीजिये। बस इसी के साथ वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। नीमच एसडीएम नीचे जमीन पर किसान के पास जाकर बैठ गए और उसे समझाते हुए बाहर ले गए। लोगों को लगा कि उसे बता रहे हैं कि पेयजल कहां मिलेगा परंतु बाहर कुछ और ही हुआ। दो पुलिस वाले सादा वर्दी में मोटरसाइकिल पर खड़े थे। वो उक्त किसान को बिठाकर नीमच थाने लेकर गए जहां से उसे करीब 18 घंटे तक बंद रखा गया। बाद में जब किसान के परिजन आए तब उसे मुक्त किया गया। 

अब मामले ने तूल पकड़ लिया है। विधायक ऐसी किसी भी घटना का खंडन कर रहे हैं। एसडीएम और पुलिस भी इसे नकार रहे हैं। मामला किसी सरकारी दस्तावेज में दर्ज नहीं है इसलिए यू टर्न सबके लिए आसान है। सम्मेलन स्थल पर हंगामा नहीं हुआ इसलिए गवाह भी कम हैं लेकिन एक वीडियो सामने आया है जिसमें एसडीएम उस किसान से बात करते नजर आ रहे हैं।

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