हाथ मिलाआगे तो बीमार हो जाआगे, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा

Tuesday, August 29, 2017

सुनीता दुबे/भोपाल। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रूस्तम सिंह ने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि वे हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते से अभिवादन करें। श्री सिंह ने कहा स्वाइन फ्लू का वायरस संक्रमित हाथों का चेहरे पर स्पर्श करने से तीव्र गति से शरीर को प्रभावित करता है। उन्होंने माता-पिता से खॉसी, जुकाम और बुखार पीड़ित बच्चों को स्कूल-कॉलेज न भेजने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा सभी अस्पताल 24X7 तैयार रहें। श्री सिंह ने यह बात प्रदेश में संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारी के साथ ही विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुये कही।

मंत्री श्री सिंह ने कहा स्वाइन फ्लू, डेंगू, चिकनगुनिया आदि संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिये जनपद, जिला पंचायत, पटवारी, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक हर वक्त मुस्तेद रहने के निर्देश दें। लोगों को बीमारी से बचने के लिये क्या करना है क्या नहीं इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें। श्री सिंह ने अस्पतालों में पल्स ऑक्सीमीटर, एन-95 किट्स, पीपीटी किट्स टेमीफ्लू, ट्रिपल लेयर मास्क आदि उपलब्धता की जानकारी ली। श्री सिंह ने जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में स्वाइन फ्लू परीक्षण किट्स, दवाईयों, उपकरणों के पर्याप्त भण्डारण, लेब आदि की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि एक मरीज के स्वाइन फ्लू के परीक्षण का खर्च 2200 रूपये आता है। श्री सिंह ने मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सकों और पेरामेडिकल स्टॉफ के लिये किये जा रहे सुरक्षा कार्यों की भी जानकारी ली। श्री सिंह को बताया गया कि मरीजों के परिजनों की सुरक्षा के लिये उन्हें भी दवा का पूर्ण कोर्स दिया जाता है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में एक जुलाई से 28 अगस्त तक एच1 एन1 के 582 संदिग्ध मरीजों का परीक्षण किया जा चुका है जिनमें 113 में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। 43 परीक्षण की रिपोर्ट आना बाकी है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 14 और निजी में 21 मरीज उपचाररत हैं। अब तक 23 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। प्रदेश के 14 जिलों में एच1 एन1 के संदिग्ध मरीज मिले हैं। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों सहित टेमीफ्लू टेबलेट अब दवा दुकानों पर भी उपलब्ध है।

विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती गौरी सिंह, मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. संजय गोयल, संचालक स्वास्थ्य सेवायें श्री एस.धनराजू, संचालकगण डॉ. के.एल. साहू, डॉ. के.के. ठस्सू, डॉ. बी.एन. चौहान और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

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