असम में बाढ़: 100 से ज्यादा मौतें, 22 लाख लोग प्रभावित

Monday, August 14, 2017

नई दिल्ली। पूर्वोत्तर में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। असम में अब तक 100 से ज्यादा मौतों की खबर सामने आ रहीं हैं वहीं 4 लाख से ज्यादा परिवार पूरी तरह से बेघर हो चुके हैं। उनकी सारी संपत्ति नष्ट हो गई है। एएसडीएमए ने बताया कि असम के विभिन्न जिलों में बाढ़ से 22 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक धुबरी में बाढ़ का सर्वाधिक असर हुआ है जहां 1.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 

इसके बाद धेमाजी में 1.51 लाख लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। एएसडीएमए ने बताया कि मौजूदा समय में 1,752 गांव जलमग्न हैं और एक लाख से हेक्टेयर से अधिक की फसल भूमि प्रभावित हो चुकी है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, त्रिपुरा के तीन जिलों में लगातार हुई बारिश के बाद अचानक बाढ़ आ गई जिससे यहां के 4,500 परिवार बेघर हो गए हैं। राज्य के राजस्व मंत्री बादल चौधरी ने बताया कि दो हजार से ज़्यादा परिवारों को विभिन्न सरकारी इमारतों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ा, क्योंकि राज्य की राजधानी का बड़ा हिस्सा और निचले बाहरी इलाके जलमग्न हैं।

चौधरी ने कहा कि हावड़ा नदी में पानी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है। सिपाहीजाला के जिला मजिस्ट्रेट प्रदीप चक्रवर्ती ने कहा कि जिले में बाढ़ की वजह से कम से कम 2,500 परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्होंने सरकारी इमारतों में बनाए गए 60 राहत शिविरों में शरण ली है। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के उपहिमालयी जिलों में भारी बारिश जारी है जिससे कुछ जगहों के जलमग्न होने की स्थिति पैदा हो गई है। 

पश्चिम बंगाल सरकार ने 12 अगस्त को कहा कि वह राज्य के उत्तरी क्षेत्र में आई बाढ़ से युद्धस्तर पर निपट रही है, जहां पांच जिले प्रभावित हुए हैं और तकरीबन 100 चाय बागान जलमग्न हो गए हैं। राज्य के सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने कहा, ‘हमने पहले ही नियंत्रण कक्ष खोल दिए हैं और मैं निजी तौर पर निगरानी और प्रबंधन में शामिल हूं। राज्य भारी बारिश का सामना कर रहा है और क्षेत्र में आई बाढ़ से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्थिति की निगरानी कर रही हैं। साथ ही राहत सामग्री भेजने समेत सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ज्ञात हो कि राज्य में बाढ़ से प्रभावित पांच जिलों में कूचबिहार, उत्तरी दिनाजपुर, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग शामिल हैं।

त्रिपुरा में बाढ़ की स्थिति पर केंद्र की नज़र
असम और पश्चिम बंगाल के अलावा त्रिपुरा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों पर केंद्र सरकार की पूरी नज़र है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने समाचार एजेंसी भाषा से बात करते हुए जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राज्य सरकार को राहत एवं बचाव कार्य में मदद के लिये राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवानों को रवाना कर दिया गया है।

रिजिजू ने बताया कि राज्य में बाढ़ की स्थिति पर केंद्र सरकार पूरी नज़र रखे हुये है और एनडीआरएफ के दलों के साथ लगातार संपर्क में है. उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ का एक दल अगरतला से बाढ़ प्रभावित गांव आश्रम चमानी कॉलोनी के लिये रवाना कर दिया गया है. पश्चिमी त्रिपुरा जिले के इस गांव में होआरा नदी के जलस्तर में इजाफे के बाद राहत एवं बचाव दल को भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 11 अगस्त को बाढ़ में फंसे 357 लोगों को जलमग्न क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया. इस दौरान 372 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. एनडीआरएफ दल अब बाढ़ से घिरे प्रतापगढ़ गांव के लिये रवाना हो गया है. रिजिजू ने बताया कि 11 अगस्त की रात से हो रही लगातार बारिश के कारण अगरतला के अधिकांश इलाकों में जलभराव होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. भारी बारिश के कारण बाढ़ से घिरे अधिकतर इलाकों में स्थानीय लोगों और वाहनों की आवाजाही थम गयी है. सरकारी दफ्तरों, बैंक और शिक्षण संस्थाओं में लोगों की उपस्थिति भी काफी कम हो गयी है। 

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

Trending

Popular News This Week