नम आखों से पूरे शहर ने दी प्रियंक को विदाई

Wednesday, July 5, 2017

रमज़ान खान/दमोह। जिले के पटेरा में मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में नम आँखों, और दुखी हृदय से सभी के चहेते युवा प्रियंक को अंतिम विदाई देने वालों का तांता लगा रहा। इंदौर में एक सड़क हादसे के बाद जिंदगी की जंग लड़ रहे प्रियंक गुप्ता ने जाते-जाते अंगदान करके आधा दर्जन लोगों की जिंदगी में खुशियां बिखेर दी। दूसरों की जीवन में बहार लाने वाले प्रियंक अपनों को कभी न भुला पाने वाली यादें छोड़ कर इस नश्वर संसार से विदा हुए है। 

दोस्तों के बीच हमेशा हंसते खिलखिलाते रहने वाले प्रियंक की अंतिम विदाई में छाई खामोशी गहरे सदमे की इबारत बयान करती नजर आ रही थी। दर असल दुर्घटना के दिन से ही पटेरा वाशियो, परिचितों रिश्तेदारो द्वारा उसके स्वस्थ होने की कामनाये की जा रही थी किन्तु अचानक उसकी मौत की खबर सुनते ही पटेरा में शोक व्याप्त हो गया। वही माता, पिता, परिवार द्वारा अंगदान करने के हौसले को सभी सलाम करते दिखे।

पटेरा के किराना व्यापारी द्वारका-कमल गुप्ता ने अपने इकलौते लाडले पुत्र प्रियंक गुप्ता 20 वर्ष को डॉक्टर बनाने इंदौर इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाया था। प्रथम वर्ष का होनहार छात्र प्रियंक 26 जून को इंदौर मैं बाईक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर कोमा की स्थिति में चला गया था। माता पिता ने इलाज में कोई कमी नही छोड़ी लेकिन होनी के आगे किसी का जोर नही और ब्रेन डेड की स्थिति बन गई और प्रियंक जिंदगी की जंग हार गया।

परिजनों के साथ दोस्तों के चहेते प्रियंक की जिंदगी की जंग हार जाने की खबर पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा था। वही उसके माता पिता तथा बहनों ने अंगदान करने का साहसिक निर्णय लेकर आधा दर्जन औरों की जिंदगी संवारने भरे मन से हामी भर दी। इंदौर के सीएचएल अस्पताल में भर्ती ब्रेन डेड की स्थिति में प्रियंक का उपचार कर रहे डॉक्टर ने मुस्कान ग्रुप को सूचना दी। परिवार के लिए अंगदान की काउंसलिंग करने सेवादार जीतू बागानी, सुरेश हरयानी व हरपाल सितलानी पहुंचे।

पुत्र की सांसे थमने के गम से पिता ने पहले मना कर दिया। बहन ने समझाया पिता को और की बात। एमबीए कर रही प्रियंक की बहन दिपांशी और स्नातक कर रही प्रियांशी ने पिता से बात कर काउंसलर से बात की। प्रियंक के इंडेक्स कालेज के दोस्तों और बहनो की बात पिता द्वारका गुप्ता ने स्वीकार करते हुए अंगदान की सहमति प्रदान की।

सभी की सहमति के बाद अंगदान के लिए इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के सह सचिव ने देश के विभिन्न अस्पतालों से संपर्क किया। द्वारका गुप्ता और पारिवारिक लोगों ने बताया की हार्ट, लीवर, किडनी और नेत्रदान किये गए हैं जिसमे हार्ट ट्रांसप्लांट मैक्स अस्पताल नई दिल्ली में तत्काल ही किया गया है। लीवर ट्रांसप्लांट सीएचएल अस्पताल में ही किया जाना है। एक किडनी इंदौर व् दूसरी किडनी चोइथराम अस्पताल वहीं नेत्रदान एमके इंटर नेशनल आई बैंक को की गई है।

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