सुबह परीक्षा दी, दोपहर में शादी की, शाम को थाने पहुंच बोली: पापा को बता देना | LOVE MARRIAGE

Tuesday, May 9, 2017

होशंगाबाद। पुलिस यहां एक अनौखी लवस्टोरी की गवाह बनी। बीकॉम की एक छात्रा परीक्षा का लास्ट पेपर देने घर से निकली। उसने पूरा पेपर किया। फिर सीधे आर्यसमाज मंदिर पहुंची। यहां अपने प्रेमी से शादी की ओर प्रेमी को लेकर पुलिस थाने जा पहुंची। अपनी शादी की सूचना दी और कहा कि पापा को भी बता देना ताकि वो परेशान ना हों। पुलिस के मुताबिक अरुण बरुआ पिता रामगोविंद (27) और वर्षा पाल (22) ने सोमवार दोपहर 3 बजे इटारसी स्थित आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद वर्षा ने पुलिस में आवेदन दे कर अरुण बरुआ से अपनी मर्जी से शादी करने की बात स्वीकार की।

एग्जाम के बाद प्रेमी के साथ पहुंची थी मंदिर
अरुण ने बताया कि वर्षा के परिजन उसकी शादी कहीं और कराना चाहते थे। इस बात को लेकर वह काफी परेशान थी। हमने इस बारे में दोस्तों से बात की और उन्होंने मंदिर में शादी करने की सलाह दी। सोमवार को वर्षा का बीकॉम फाइनल इयर का लास्ट एग्जाम था। एग्जाम के बाद हम सीधे इटारसी स्थित आर्य मंदिर पहुंचे, जहां दोस्तों ने शादी की पूरी तैयारियां कर रखी थी। हम वहां पहुंचे और दोस्तों की मौजूदगी में शादी कर ली।

इसलिए गए थे थाने
अरुण ने कहा कि, शादी के बाद हमने थाने में आवेदन इसलिए दिया ताकि वर्षा के घर वाले परेशान न हो। इस तरह के मामले में अक्सर लोग लड़के और उसके परिवार पर तरह-तरह के आरोप लगाते हैं। उन सभी परेशानियों से बचने के लिए हम खुद ही थाने चले गए थे। वर्षा ने थाने में कहा था कि, आप मेरे परिजनों को जानकारी दे दीजिए की मैंने अपनी मर्जी से शादी कर ली है। मैं आगे का जीवन अरुण के साथ ही गुजारना चाहती हूं। इस पर पुलिस ने वर्षा के परिजनों को थाने बुलाया और शादी के बारे में जानकारी दी।

परिजनों ने थाने में किया था हंगामा
बर्षा और अरुण की सूचना के बाद पुलिस ने लड़की के मामा श्यामपाल निवासी बेरखेड़ी, भाई गोलू पाल और मां को थाने बुलाया और मामले की जानकारी दी। वर्षा के इस फैसले से नाराज घरवालों ने थाने में काफी हंगामा किया। परिजनों ने वर्षा को अपने साथ घर चलने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं मानी। काफी देर चले इस ड्रामे के बाद पुलिस ने वर्षा और अरुण को पुलिस सुरक्षा के साथ उनके घर भेज दिया।

5 साल चली लवस्टोरी 
अरुण की होशंगाबाद स्थित नर्मदा कॉलेज के पास फोटो कॉपी की दुकान है। पिता की गैरिज लाइन में रोलिंग शर्टर की दुकान है। 5 साल पहले वर्षा मामा श्याम पाल के घर बेरखेड़ी से होशंगाबाद पढ़ने आती थी। इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान हुई। पहचान के बाद दोस्ती और फिर बातों का सिलसिला प्रेम तक पहुंच गया। दोनों ने पांच साल बाद शादी करने का निर्णय लिया।

ससुराल ने स्वीकारा
इस शादी से वर्षा के घरवाले उससे खासे नाराज है, लेकिन अरुण के परिजनों ने उसे बहू स्वीकार कर लिया है। वर्षा ने कहा कि, मेरे परिजन ज्यादा दिनों तक मुझसे नाराज नहीं रहेंगे, मेरी कोशिश रहेगी कि वे भी मेरी तरह अरुण की अच्छाइयों को समझ कर उसे अपना लें।

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