व्यापमं घोटाला: आदेश के बाद भी फर्जी डॉक्टरों का एडमिशन निरस्त नहीं किया

Monday, February 27, 2017

सागर। सरकार और शासन की कार्यप्रणाली के आगे सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी बौना नजर आ रहा है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि प्रदेश के सबसे विवादास्पद व्यापमं घोटाले में 13 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदेश के 634 नकलची छात्र-छात्राओं और मुन्नाभाईयों के मामले में आदेश दिया था कि इसी के प्रवेश निरस्त किए जाएं। इनमें सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के 23 छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं, लेकिन हैरत मानिए देश के सबसे बड़े न्यायालय का आदेश बीएमसी नहीं पहुुंच सका।

प्रदेश में पीएमटी 2008 से 2013 तक के विभिन्न बैच में 634 छात्र-छात्राओं को सामूहिक नकल के मामले में पकड़ा गया था। हाईकोर्ट ने पूर्व में इनकी पीएमटी निरस्त कर कॉलेजों से इनके प्रवेश बर्खास्त करने का आदेश दिया था। इन्हें बाहर भी कर दिया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट में याचिका स्वीकार होने के बाद इन्हें परीक्षा देने की अनुमति मिल गई थी, हालांकि परीक्षा परिणाम घोषित नहीं करने का आदेश भी दिया गया था। पिछली 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर सभी 634 नकलची विद्यार्थियों के प्रवेश निरस्त करने और इन्हें कॉलेजों से बाहर करने का आदेश दिया था।

शासन से आदेश आने का इंतजार
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में साल 2009 से 2013 बैच के बीच कुल 23 विद्यार्थी जिसमें 12 छात्राएं भी शामिल हैं को नकलची की सूची में डाला गया था। इनमें से अधिकांश विद्यार्थी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए थे। कोर्ट से आदेश आने के बाद भी रविवार की स्थिति तक ये सभी कॉलेज में ही अध्ययनरत हैं। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार कॉलेज में आज तक सुप्रीम कोर्ट का ऐसा कोई आदेश ही नहीं पहुंचा है। हालांकि आदेश की जानकारी डीन से लेकर एक-एक विद्यार्थी को है, लेकिन शाासन से कोर्ट के आदेश की प्रति का इंतजार किया जा रहा है।

यह छात्र-छात्राएं गए थे सुप्रीम कोर्ट
बीएमसी में अध्ययनरत साल 2009 बैच का अमन मंधारे, दीपिका दवाड़े, 2010 बैच का सुनील जाट, सुभी भदौरिया, राजेश अर्गल, गोल्डी चौहान, खुशबू पाटीदार, श्रृष्टी दवे, दिव्या बॉथम शामिल हैं। साल 2011 बैच के शैलेष कुमार रघुवंशी, भावना डामौर, दिव्यानी नागा और धीरज बासनिक सहित 2012 बैच से दीपिका बख्शी, उन्नति शर्मा एवं कृष्णा शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। इनके अलावा शैलेष रघुवंशी, दीपिका दवाड़े, रुद्र कुशवाहा, पूजा गुप्ता, विवेक निगम, नेहा पचौरी, मीनाक्षी पांडे, एवं शांतनु व्यास कोर्ट गए थे।

आदेश नहीं आया है, यथास्थिति है
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी डीएमई से फिलहाल नहीं आई है। मीडिया के माध्यम से आदेश की जानकारी मिली थी। शासन स्तर से आदेश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मनीष जैन, 
उप अधीक्षक सह मीडिया प्रभारी बीएमसी सागर

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