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बालाघाट कांड के खिलाफ पुलिसवालों की गांधीगिरी: MP BJP-RSS Security Act 2016 Proposed

Thursday, October 6, 2016

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भोपाल। बालाघाट में संघ प्रचारक सुरेश यादव मारपीट मामले में सख्त कार्रवाई का शिकार हुए मप्र पुलिस के करीब एक दर्जन अधिकारी/कर्मचारियों के समर्थन पर अब पुलिस के मैदानी अमले के साथ साथ कार्यालयीन स्टाफ भी आ गया है। मप्र पुलिस के किसी विधि विशेषज्ञ ने एक नए कानून का मसौदा तैयार किया है। यह मसौदा वाट्सएप पर वायरल हो रहा है। इसे 'मध्य प्रदेश भाजपा आरएसएस सुरक्षा अधिनियम 2016' नाम दिया गया है। लोग इसे भले ही मजाक में ले जाएं लेकिन पुलिसवाले बालाघाट कांड के विरोध में यह पोस्ट तेजी से वायरल कर रहे हैं। इस मैसेज में एक धमकी भी छुपी हुई है। यह जताने का प्रयास किया गया है कि यह मनमानी बस आगामी विधानसभा चुनाव तक रहने वाली है। इस बार मप्र पुलिस के कर्मचारी शिवराज सरकार का सहयोग नहीं करेंगे। पढ़िए क्या लिखा है इसमें: 

नाम: मध्य प्रदेश भाजपा आरएसएस सुरक्षा अधिनियम 2016
अधिसूचना दिनांक – बालाघाट कांड से आगामी विधानसभा निर्वाचन तक। 
धारा -01 
क्षेत्र एवं विस्तार – सम्पूर्ण मध्य प्रदेश 

धारा – 02 परिभाषा 
2(1)- क़ानून – क़ानून से आशय आरएसएस एवं भाजपा द्वारा बोला, लिखा व पड़ा गया प्रत्येक भाग। 
2(2)- पुलिस एवं सरकारी तंत्र – मनोरंजन एवं खेलने का माध्यम जिसे आवश्यकतानुसार किसी भी प्रकार से उपयोग/उपभोग किया जा सकेगा। 
2(3)- संघ – संघ से आशय आरएसएस से होगा जिसकी शक्तियाँ असिमित होगी जिसे सरकार का बाप नाम से भी संबोधित किया जा सकेगा। 

धारा -3 देखने अथवा घूरने के लिये दण्ड:- 
जो कोई आरएसएस या भाजपा के किसी भी सदस्य को टेडी नज़र से देखेगा या घूरेगा अथवा संघ के किसी सदस्य द्वारा यह समझा जावेगा कि उसे किसी लोकसेवक अथवा पुलिस द्वारा देखा/घूरा गया वह तत्काल बिना किसी जाँच के इस क़ानून के तहत दंडित किया जावेगा जो निलंबन तथा बिना किसी जाँच के दण्ड का भागी होगा। 

धारा -4 पकड़ने अथवा अपशब्द कहने के लिये दण्ड :- 
जो कोई संघ के सदस्य को पकड़ने अथवा अपशब्द कहने का प्रयास करेगा अथवा मन मे विचार भी लायेगा वह तत्काल निलंबन एवं संघ की अपेक्षा के अनुरूप आईपीसी की धाराओं मे अपराध पंजीबद्ध कराने का भागी होगा। 

धारा – 5 किसी भी मामले मे अपराध पंजीबद्ध करने अथवा गिरफ़्तार करने के लिये दण्ड :- 
जो कोई पुलिस वाला संघ के किसी भी सदस्य के विरुद्ध किसी भी धारा के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध करेगा अथवा मन मे ऐसे विचार भी लायेगा अथवा गिरफ़्तार करने का प्रयास करेगा या गिरफ़्तार करने का विचार भी मन मे लायेगा चाहे वह संघ सदस्य किसी भी तथा कितने ही गंभीर अपराध मे संलिप्त ही क्यो न रहा हो, ऐसा पुलिसकर्मी तत्काल निलंबित, संघ की इच्छा के अनुरूप आईपीसी धाराओं मे अपराध पंजीबद्ध तथा संबंधित भापुसे के वरिष्ठ अधिकारी बिना किसी कारण से अवगत कराये तत्काल पद से हटायें जाने के भागी होगे। 

धारा 6- व्यावृतियॉ – 
यह क़ानून भारत संघ अथवा राज्य सरकार द्वारा निर्मित किसी भी पूर्ववर्ति क़ानून से प्रभावित नही होगा। इस पर किसी भी क़ानून की कोई प्रभाव नही होगा। इसमें समय समय पर संघ की मंशा के अनुरूप संशोधन किये जा सकेंगे। संघ के प्रचारकों एवं संगठन मंत्रियों की सभा को इसमें किसी भी प्रकार के संशोधन का एकाधिकार होगा। 
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