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राष्ट्रगान के समय खड़ा नहीं हुआ दिव्यांग, स्वघोषित देशभक्तों ने पीट दिया

Thursday, October 20, 2016

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पणजी। देश में देशभक्ति के नाम पर क्या कुछ हो रहा है। यह मामला इसका एक नमूना है। 45 साल के कवि, विकलांगता कार्यकर्ता और लेखक सलिल चतुर्वेदी के साथ गोवा में इसलिए पीट दिया गया क्योंकि एक थियेटर में राष्ट्रगान के समय वो व्हील चेयर से उठकर खड़े नहीं हुए थे। 

ये वही सलिल चतुर्वेदी हैं जो बच्‍चों के लोकप्रिय टीवी प्रोग्राम 'गली गली सिम सिम' के मूल कलाकारों का हिस्‍सा थे। इतना ही नहीं उन्‍होंने दृष्टिहीनों के लिए पहली कोंकणी ऑडियो बुक भी बनाई थी और वे सक्रिय रूप से दिव्‍यांगों के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन आज के इस माहौल में स्वघोषित देशभक्‍तों का उन्‍हें शिकार होना पड़ा।

सलिल पणजी के एक मल्‍टीप्‍लेक्‍स में रजनीकांत की फ‍िल्‍म 'कबाली' देखने पहुंचे। फ‍िल्‍म के शुरू होने से पहले राष्‍ट्रगान बजा तो रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण व विकलांगता की वजह से वे खड़े नहीं हो पाए। वहां मौजूद एक कपल राष्‍ट्रगान गाने लगा लेकिन उन्‍हें इस बात का गुस्‍सा आ गया कि वह क्‍यों नहीं खड़े हुए। इस बात पर उस शख्‍स ने सलिल को धक्‍का दिया और पत्‍नी चिल्‍लाकर कहने लगी ' ये आदमी उठ क्‍यों नहीं सकता है।' दंपत्ति ने उन्हें धक्का दिया और हाथ भी उठाया। बाद में पुलिस कार्रवाई से डर से दंपत्ति चुपके से चला गया। 

इस तरह की घटना का सामना करने के बाद सलिल कभी फ‍िल्‍में देखने थिएटर नहीं गए। उनके मुताबिक ' मैं गया तो मेरी रीढ़ की हड्डी में चोट और आएगी। मैं नहीं समझ पता हूं कि देशभक्ति जताने के लिए लोग गैर आक्रामक तरीका नहीं अपना सकते हैं? राष्ट्रीय गान बजने के बाद भी अगर मैं खड़ा हो सका तो नहीं होऊंगा क्योकिं ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाएगा। मेरे पिता एक वायु सेना के एक अनुभवी व्यक्ति है। मैंने ऑस्ट्रेलियाई ओपन में व्हीलचेयर टेनिस में देश का प्रतिनिधित्व किया है। मेरे जीवन को देखो, कौन होते हो आप लोग ये न्याय करने वाले कि मुझे भारत से कितना प्यार है?'
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