भोपाल समाचार, 6 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश शासन के अधिकारियों ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला से बड़ी अच्छी बात सीखी है। जिस तरह से उन्होंने राहुल गांधी को कंट्रोल किया, ठीक उसी प्रकार मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री श्री विजय शाह को कंट्रोल किया जा रहा है। पहला प्रयोग सफल रहा। कैबिनेट मंत्री ने अपनी आदत के अनुसार शायद कोई आपत्तिजनक बयान दिया हो, लेकिन किसी को पता नहीं चला, अब वह बयान कभी सोशल मीडिया पर वायरल नहीं हो पाएगा। यह वही मंत्री है जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था और हाई कोर्ट के टारगेट पर आ गए थे।
जैसे ही सिंचाई परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि....
यह बड़ा मजेदार तरीका है। जब कोई नेता समझाने से भी ना समझे, जनता को देखते ही स्वयं पर से नियंत्रण खो दे और अक्सर विवादित बयान देता हो, ऐसे नेता को तो कंट्रोल नहीं किया जा सकता लेकिन उसकी आवाज को कंट्रोल किया जा सकता है। मंत्री विजय शाह खंडवा के हरसूद में रानी दुर्गावती की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। ठीक इसी समय एक टीम उनकी बॉडी लैंग्वेज को देख रही थी, उनके शब्दों को ध्यान से सुन रही थी और जैसे ही सिंचाई परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे अधिकारी इसे समझ नहीं पा रहे हैं.... उनके भाषण को म्यूट कर दिया गया।
मंत्री जी दिखाई दे रहे थे, सुनाई नहीं दे रहे थे
इसके आगे मंत्री ने कहा कि सीएम साहब, आप अधिकारियों पर डंडा चलाइए ताकि काम शुरू हो सके, लेकिन लाइव टेलीकास्ट के दौरान वह मंत्री जी केवल बोलते हुए दिखाई दे रहे थे, सुनाई नहीं दे रहे थे। मंत्री विजय शाह ने करीब 8 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान कई मौकों पर उनकी आवाज म्यूट की गई। --- समाप्त ---

