भोपाल, 9 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश में सरकार की "स्वामित्व योजना" का विरोध कर रहे पटवारी की आज डिप्टी सीएम से मुलाकात हो गई लेकिन बात नहीं बनी है। डिप्टी सीएम में मुख्य सचिव के नाम पर विषय को टालते हुए किसी भी प्रकार का कोई आश्वासन नहीं दिया है। इधर पटवारियों के नेताओं का कहना है कि, हम अपनी बात से पीछे नहीं हटेंगे और जितने भी पटवारी को बर्खास्त एवं सस्पेंड किया गया है, शासन को यह कार्रवाई वापस लेनी होगी।
पटवारियों को राहत की उम्मीद
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के साथ हुई बैठक में प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी, मप्र पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद दोनों संघों के अध्यक्षों ने बयान जारी कर कहा कि वे पूरी मेहनत, ताकत और एकता के साथ अपनी मांगों पर अडिग हैं। उनके मुताबिक, डिप्टी CM ने मांगों को सही और उचित माना है। चर्चा के आधार पर नोटशीट मुख्य सचिव को भेजी गई है और उस पर चर्चा हो रही है।
सरकार को बर्खास्तगी-निलंबन वापस लेना होगा
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्होंने अपनी समस्याओं से डिप्टी CM को अवगत कराया है। बर्खास्तगी और निलंबन की कार्रवाई वापस लेनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने के बाद ही पटवारी काम पर लौटेंगे। संघ ने पटवारियों से घबराने के बजाय धैर्य रखने और मजबूती से खड़े रहने की अपील की है।
50 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य, अब तक एक भी नहीं
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को स्वामित्व योजना लॉन्च की थी। इसके तहत प्रदेश में आबादी भूमि पर काबिज 50 लाख हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री देने का लक्ष्य रखा था। एक महीने में 50 लाख रजिस्ट्री कराने की योजना थी, लेकिन एक महीने की समयसीमा पूरी होने में आठ दिन बाकी रहने के बावजूद अब तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।

