भोपाल, 3 अक्टूबर 2026: भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री और अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी मौत के मामले में भोपाल समाचार का असर दिखाई दिया है। कलेक्टर की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी जब जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई तब "काश! दिव्यऋषि अनुसूचित होता" शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित किया गया था। नतीजा आज ही शाम को 6:00 बजे ब्राह्मण समाज के सक्रिय युवाओं ने डीवी मॉल के सामने प्रदर्शन किया। नेतृत्व भोपाल जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट राजेश व्यास कर रहे थे।
निलंबन को न्याय बताया जा रहा है
उल्लेखनीय है कि दिनांक 27 सितंबर को डीबी मॉल के ठीक सामने, शहर की सबसे व्यस्त सड़क पर बीचों-बीच लगे इलेक्ट्रिक पोल के करंट के कारण भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री और अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर ने जांच के लिए टीम गठित की थी। जबकि पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। जांच के आधार पर जिम्मेदार अधिकारी को नामजद किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। एक असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड करके, नॉरेटिव सेट किया जा रहा है कि मामले में न्याय हो गया है।
दिव्यऋषि मामले में मसाल जुलूस
शाम करीब 6 बजे डीबी मॉल के सामने घटनास्थल के पास जुटे प्रदर्शनकारी मशाल लेकर एमपी नगर थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। भोपाल जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट राजेश व्यास ने कहा कि 27 सितंबर को डीबी मॉल के सामने बिजली के पोल के संपर्क में आने से दिव्यऋषि की मौत हुई थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद अज्ञात व्यक्ति या एजेंसी के खिलाफ लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया है।
दोनों इंजीनियर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
मांग है कि निलंबित कार्यपालन यंत्री आशीष श्रीवास्तव और सहायक यंत्री सुमित सिंह की भूमिका की आपराधिक जांच कर जिम्मेदारी सामने आने पर उनके नाम एफआईआर में जोड़े जाएं। प्रदर्शनकारियों ने बिजली व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारी-कर्मचारियों और खंभों के मेंटेनेंस का ठेका लेने वाली एजेंसी की भूमिका की भी जांच की मांग की। व्यास ने कहा कि शहर में कई जगह बिजली के खंभों पर तार खुले पड़े हैं, जिनसे हादसे का खतरा बना हुआ है।
नर्मदा ट्रॉमा सेंटर पर लगे आरोपों की जांच की मांग
ज्ञापन में नर्मदा ट्रॉमा सेंटर में दिव्यऋषि को भर्ती करने से इनकार और एंबुलेंस से एम्स ले जाने को कहे जाने के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लापरवाही सामने आने पर संबंधित डॉक्टर, अस्पताल प्रबंधन या जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई हो। जांच की समय-सीमा तय करने और परिवार को प्रगति की लिखित जानकारी देने की मांग भी की गई। सिटी रिपोर्टर।

