भोपाल, 07 अक्टूबर, 2026: प्रदेश में प्राकृतिक वन संपदा के संरक्षण एवं अवैध व्यापार पर कड़ा अंकुश लगाने के ध्येय से वन विभाग द्वारा एक अत्यंत प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई निष्पादित की गई है। 18 मई 2026 को इंदौर वन मंडल के गश्ती दल द्वारा क्षेत्र में नियमित गश्त एवं जांच के दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर निरीक्षण किया गया। वाहन में भारी मात्रा में अवैध रूप से ले जाई जा रही काष्ठ पाई गई। विभाग द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए 19 मई 2026 को संबंधितों के विरुद्ध वन अपराध क्रमांक 628/17 दर्ज कर वैधानिक विवेचना प्रारंभ की गई।
प्रकरण की प्राथमिक जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि महाराष्ट्र राज्य से काष्ठ परिवहन के नाम पर जारी कथित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) का दुरुपयोग मध्य प्रदेश की राज्य सीमाओं के भीतर अवैध लकड़ी के परिवहन के लिए किया जा रहा था। इस अंतरराज्यीय कूटचरित प्रणाली की जांच करने के लिए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) श्री अमित कुमार दुबे के कुशल मार्गदर्शन तथा उप वन संरक्षक (संरक्षण) श्री श्रेयस श्रीवास्तव एवं श्री जितेंद्र गुप्ता के प्रत्यक्ष निर्देशन में राज्य स्तरीय उड़न दस्ता दल (संरक्षण) द्वारा विस्तृत एवं सूक्ष्म जांच संचालित की गई।
जांच के दौरान प्रकाश में आया कि अरमान (निवासी बैरासिया, मध्य प्रदेश) तथा नईम शेख (निवासी जलगांव, महाराष्ट्र) द्वारा सुनियोजित एवं संगठित तंत्र के माध्यम से महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना आदि राज्यों की एनओसी तैयार करवाई जाती थी। इन दस्तावेजों के साथ मध्य प्रदेश के भीतर काष्ठ का अवैध परिवहन संचालित किया जा रहा था।
वन विभाग के जांच दल द्वारा तत्परता दिखाते हुए प्रकरण के मुख्य आरोपी अरमान (निवासी बैरासिया) को गिरफ्तार कर लिया गया है। हिरासत में लिए गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपने आपराधिक कृत्य को स्वीकार किया है। वन विभाग द्वारा मामले में अग्रिम वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई प्रचलित है।क्रमांक/1023/025; अवंतिका जायसवाल।

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