RAHIFAL: 26 सितंबर से लक्ष्मी-नारायण योग, चमक उठेगी इनकी किस्मत!, सौंदर्य और बुद्धि का महासंगम

Updesh Awasthee
धर्म एवं ज्योतिष न्यूज डेस्क, 22 सितंबर 2026:
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर केवल समय का बदलाव नहीं, बल्कि हमारे जीवन, अर्थशास्त्र और ऊर्जा में एक नई चेतना का संचार करता है। 26 सितंबर से बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुध अपनी मित्र राशि तुला में प्रवेश करने जा रहे हैं। जहाँ यह 2 दिसम्बर 2026 तक रहेंगे। तुला राशि में धन, सौंदर्य, कला और ऐश्वर्य के स्वामी शुक्र पहले से ही विराजमान हैं। ऐसे में तुला राशि में बुध के गोचर से अति शुभ और कल्याणकारी ‘लक्ष्मी-नारायण योग’ का निर्माण होने जा रहा है।

क्यों खास है बुध-शुक्र की यह युति?

वैदिक ज्योतिष के ग्रंथ ‘बृहत्पाराशरहोराशास्त्र’ के अनुसार, बुध (भगवान विष्णु स्वरूप/बुद्धि कारक) और शुक्र (देवी लक्ष्मी स्वरूप/वैभव कारक) आपस में परस्पर नैसर्गिक मित्र हैं। दोनों ही ग्रह 'रजोगुणी' स्वभाव के हैं- जहां बुध तीक्ष्ण बुद्धि, वाक्-पटुता और व्यापारिक चातुर्य प्रदान करता है, वहीं शुक्र जीवन में भौतिक सुख, आकर्षण, आभूषण, वाहन और कलात्मक निपुणता भरता है। जब ये दोनों सौम्य ग्रह शुक्र की ही अपनी राशि (तुला) में एक साथ आते हैं, तो बुद्धि और समृद्धि का एक अत्यंत दुर्लभ व फलदायी संतुलन बनता है।

वैश्विक और सामाजिक स्तर पर दिखेगा बड़ा बदलाव

• व्यापार और अर्थव्यवस्था में उछाल: तुला राशि संतुलन और साझेदारी का प्रतीक है। बुध और शुक्र की इस युति से शेयर बाजार, बैंकिंग सेक्टर, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीतिक समझौतों में सकारात्मक तेजी देखने को मिलेगी।
• कला, सिनेमा और फैशन उद्योग: संगीत, मीडिया, लेखन, डिजाइनिंग, ऑटोमोबाइल और सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक्स) के क्षेत्रों में नए रचनात्मक प्रयोग होंगे और इन उद्योगों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

इन राशियों पर बरसेगी विशेष कृपा:

यद्यपि यह सौम्य गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन तुला, कन्या, मकर, कुंभ और मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा। तुला राशि में बुध और शुक्र के इस महासंगम का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा। आपकी चंद्र राशि (Moon Sign) के आधार पर सभी 12 राशियों का विस्तृत और सटीक राशिफल निम्नलिखित है:
1. मेष राशि - 7वां भाव
• प्रभाव: यह गोचर आपके सप्तम (दंपत्ति व व्यापार) भाव में हो रहा है।
• फल: वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता बढ़ेगी। यदि जीवनसाथी के साथ कोई मनमुटाव था, तो वह समाप्त होगा। व्यापार में नई पार्टनरशिप (साझेदारी) से बड़ा धन लाभ हो सकता है।
2. वृष राशि - 6ठा भाव
• प्रभाव: छठे (शत्रु, रोग व प्रतियोगिता) भाव में युति।
• फल: कार्यक्षेत्र में विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों पर आपकी विजय होगी। कोर्ट-कचहरी या विवादित मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। हालांकि, स्वास्थ्य और विलासिता से जुड़े खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखना होगा।
3. मिथुन राशि - 5वां भाव
• प्रभाव: पांचवें (विद्या, बुद्धि व प्रेम) भाव में युति।
• फल: विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए यह समय बेहद शानदार रहेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। कला, लेखन, मीडिया या डिजाइनिंग से जुड़े लोगों को कोई बड़ी उपलब्धि या ख्याति मिल सकती है।
4. कर्क राशि - 4था भाव
• प्रभाव: चौथे (सुख, माता व संपत्ति) भाव में युति।
• फल: भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। नया घर, वाहन या कोई कीमती सामान खरीदने के योग बनेंगे। परिवार में मांगलिक व उत्सव जैसा माहौल रहेगा और माता जी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।
5. सिंह राशि - 3रा भाव
• प्रभाव: तीसरे (साहस, पराक्रम व छोटे भाई-बहन) भाव में युति।
• फल: आपकी वाणी में गजब का आकर्षण और मिठास आएगी, जिससे आपके अटके हुए काम पूरे होंगे। संचार, सोशल मीडिया, पत्रकारिता और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। भाई-बहनों का सहयोग बना रहेगा।
6. कन्या राशि - 2रा भाव
• प्रभाव: दूसरे (धन, कुटुंब व वाणी) भाव में युति।
• फल:प्रबल धन योग! अटका हुआ धन वापस मिलेगा और आय के नए स्रोत बनेंगे। आभूषणों या कीमती वस्तुओं की खरीदारी हो सकती है। आपकी प्रभावशाली वाणी से लोग आकर्षित होंगे और परिवार में एकता बढ़ेगी।
7. तुला राशि (Libra) - 1ला भाव (लग्न)
• प्रभाव: प्रथम (व्यक्तित्व व स्वास्थ्य) भाव में ही यह योग बन रहा है।
• फल: आपका व्यक्तित्व अत्यंत आकर्षक, तेजस्वी और प्रभावशाली बनेगा। समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार, कला और नए व्यावसायिक प्रस्तावों से अपार सफलता प्राप्त होगी।
8. वृश्चिक राशि - 12वां भाव
• प्रभाव: बारहवें (व्यय, विदेश व मोक्ष) भाव में युति।
• फल: भौतिक सुखों, सौंदर्य प्रसाधनों और यात्राओं पर खर्च बढ़ेगा। विदेश से जुड़े व्यापार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) या आयात-निर्यात से जुड़े जातकों को अच्छा लाभ मिल सकता है।
9. धनु राशि - 11वां भाव
• प्रभाव: ग्यारहवें (आय व लाभ) भाव में युति।
• फल:अत्यंत शुभ लाभ योग! आय में अप्रत्याशित वृद्धि होगी। आपकी पुरानी मनोकामनाएं पूरी होंगी। बड़े भाइयों और वरिष्ठ मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे व्यापारिक विस्तार होगा।
10. मकर राशि  - 10वां भाव
• प्रभाव: दसवें (कर्म व करियर) भाव में युति।
• फल: नौकरी और व्यवसाय में बड़ी सफलता मिलेगी। पदोन्नति (Promotion), वेतन वृद्धि और कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारियों की सराहना मिलेगी। यदि नई नौकरी की तलाश में हैं, तो शुभ प्रस्ताव मिल सकता है।
11. कुंभ राशि  - 9वां भाव
• प्रभाव: नवें (भाग्य व धर्म) भाव में युति।
• फल:भाग्योदय का समय! किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। लंबी दूरी की सुखद या धार्मिक यात्राएं होंगी। पिता और गुरुजनों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होगा। उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों को सफलता मिलेगी।
12. मीन राशि  - 8वां भाव
• प्रभाव: आठवें (आयु, गूढ़ विद्या व शोध) भाव में युति।
• फल: अचानक धन लाभ या वसीयत/पैतृक संपत्ति से लाभ के योग बनेंगे। ज्योतिष, अनुसंधान, टैरो या गूढ़ विद्याओं से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल है। हालांकि, खान-पान और सेहत का ध्यान रखें।

26 सितंबर से बनने जा रहा यह लक्ष्मी-नारायण योग 

ज्ञान, सौंदर्य, कला और समृद्धि का एक ऐसा संगम है, जो जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलता है। यदि आप व्यापार, कला, संचार या वित्तीय क्षेत्र में कोई नया कदम उठाने की सोच रहे हैं, तो यह गोचर आपके लिए अत्यंत अनुकूल समय लेकर आ रहा है! प्रस्तुति: श्री गीतांजलि ज्योतिष केंद्र, इंदौर।

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