भोपाल/विदिशा, 11 दिसंबर 2025: मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत लटेरी (जिला विदिशा) के उपयंत्री रामगोपाल यादव को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी ने यह राशि ग्राम पंचायत धीरगढ़ में बनी सीसी सड़क के मूल्यांकन और बिल पास करने के एवज में मांगी थी।
निलंबित पंचायत सचिव कन्हैया लाल शर्मा की शिकायत पर कार्रवाई
लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर ने बताया कि शिकायतकर्ता निलंबित पंचायत सचिव कन्हैया लाल शर्मा और ग्राम धीरगढ़ निवासी लाखन सिंह लोधी ने लोकायुक्त कार्यालय में आवेदन दिया था। शिकायत में कहा गया था कि लगभग एक महीने पहले धीरगढ़ पंचायत में सीसी सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन उपयंत्री रामगोपाल यादव ने इसका मूल्यांकन करने और बिल पास करने के लिए पहले 40 हजार रुपये की मांग की थी। बातचीत के बाद 30 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
शिकायत की प्रारंभिक जांच में बात सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप तैयार किया। आरोपी ने रिश्वत की रकम अपने गंजबासौदा स्थित घर पर ही मंगवाई थी। ट्रैप टीम ने जैसे ही आवेदक से 30 हजार रुपये लिए, तुरंत दबिश देकर उपयंत्री को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है।
हाल ही में मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की सक्रियता बढ़ी है। पिछले एक महीने में प्रदेश भर में रिश्वतखोरी के 15 से ज्यादा मामले सामने आए हैं जिनमें पटवारी, पंचायत सचिव, उपयंत्री और अन्य सरकारी कर्मचारी पकड़े गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली और मनरेगा जैसे छोटे-छोटे कार्यों में भी कमीशन की प्रथा गहरी पैठ बना चुकी है, जिसे रोकने के लिए लोकायुक्त और विजिलेंस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
.webp)