DEO BHOPAL 2 महीने में अनुकंपा नियुक्ति का निराकरण करें, हाईकोर्ट का आदेश

जबलपुर
। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका श्रीमती मीना सक्सेना नजीराबाद भोपाल विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन में माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस श्री एसए धर्माधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल को आदेशित किया है कि 2 महीने के अंदर   आवेदिका के द्वारा प्रस्तुत अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित आवेदन पत्र का निराकरण करें।

आवेदक का पक्ष न्यायालय के समक्ष एडवोकेट सत्येंद्र ज्योतिषी ने रखते हुए बताया कि आवेदिका के पति स्वर्गीय शैलेंद्र सक्सेना जो कि सहायक शिक्षक के पद पर शासकीय माध्यमिक शाला नजीराबाद भोपाल में कार्यरत थे। जिनका निधन 27.10.2015 को हो गया था। ‌ आवेदिका श्रीमती मीना सक्सेना जो कि शैलेंद्र सक्सेना की पत्नी है उन्होंने 26.12.16 को अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल के समक्ष प्रस्तुत किया था जो कि आज दिनांक तक लंबित है। 

मध्यप्रदेश शासन शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 1.2.2021 की कंडिका क्रमांक 2 एवं 3 के अनुसार अध्यापक लेवल के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित को प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर नियुक्त देने का प्रावधान है। महिला आवेदन से 6.9.2021 को मेडिकल बोर्ड भोपाल का मेडिकल प्रमाण पत्र भी मांगा गया था। जिसे उन्होंने तय समय सीमा के अंदर विभाग में प्रस्तुत कर दिया था। आवेदिका की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है एवं प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर नियुक्त के लिए सभी अहर्ताएं पूरी करती है। अतः आवेदिका को अनुकंपा नियुक्ति प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर प्रदान की जाए। 

न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता एवं सहायक शिक्षक की विधवा के विज्ञान शिक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति हेतु प्रस्तुत आवेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल को आदेशित किया है कि 2 महीने के अंदर आवेदिका के द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र का निराकरण करें। प्रकरण में ऐड सत्येंद्र ज्योतिषी एवं विशाल यादव ने पक्ष रखा। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

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