MP-TET-3 स्क्रीन शॉट आउट- मंत्री गोविंद सिंह को बचाने की कोशिश, मंत्री सिलावट मुख्यमंत्री से मिले

इंदौर
। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (वर्ग 3) पेपर का स्क्रीनशॉट आउट होने के मामले में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह का नाम आते ही, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले। इस मुलाकात ने कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। बताने की जरूरत नहीं की गोविंद सिंह और तुलसी सिलावट दोनों ज्योतिरादित्य सिंधिया कैंप के मंत्री हैं। सनद रहे कि व्यापम एक संवेदनशील विषय है, इसलिए शक के दायरे में कोई भी आ सकता है।

व्यापम घोटाला 2022- जो भी हुआ मंत्री राजपूत के कॉलेज में हुआ है

प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल के चेयरमैन आईसीपी केसरी ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा कक्ष से पेपर आउट नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि हमने पूरा सीसीटीवी रिकॉर्ड चेक किया है। इसी के साथ, इस आरोप की पुष्टि हो गई कि जो कुछ भी हुआ कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के कॉलेज में हुआ है। व्यापम के चेयरमैन परीक्षा कक्ष के सीसीटीवी की बात तो कर ली परंतु कंप्यूटर सर्वर रूम में क्या हो रहा था, इसके बारे में कुछ नहीं बताया। 

MP NEWS- एक मंत्री पर आरोप लगा, दूसरे मंत्री CM से मिले, तीसरे मंत्री ने बयान जारी किया

व्यापम घोटाला-2022, हुआ है या नहीं यह तो किसी निष्पक्ष जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन गोविंद सिंह राजपूत का नाम आते ही तुलसीराम सिलावट में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और इसके ठीक बाद सरकार के प्रवक्ता डॉ नरोत्तम मिश्रा ने गोविंद सिंह राजपूत का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने तो कॉलेज, परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी को किराए पर दिया था। समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि 25 मार्च 2022 को परीक्षा वाले दिन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके चिरंजीव कहां पर थे। 

INDORE NEWS- मंत्री सिलावट ने बताया, मुख्यमंत्री से क्यों मिले

हालांकि मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी से भेंट कर इंदौर गौरव दिवस को मां देवी अहिल्या गौरव दिवस के रूप में मनाने,एमवाय अस्पताल,इंदौर व पीसी सेठी अस्पताल के उन्नयन तथा मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने आरंभ की गई मुहिम के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

Madhya Pradesh news- मंत्री सिलावट ने यह नहीं बताया कि कैबिनेट मीटिंग से पहले क्यों मिले 

मंत्री तुलसी सिलावट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए जिन बिंदुओं को बताया है, उनमें से कोई भी इतना महत्वपूर्ण नहीं है कि कैबिनेट मीटिंग से पहले मुलाकात अनिवार्य हो। सारी चर्चा कैबिनेट मीटिंग के दौरान भी की जा सकती थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कैबिनेट मीटिंग के अलावा अलग से मुलाकात के क्या मायने हैं।
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