Loading...

मध्य प्रदेश के सभी 28 भाजपा सांसदों का घेराव करेगी कांग्रेस | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ऐलान किया है कि वह पूरे मध्यप्रदेश में भाजपा के सभी 28 सांसदों के कार्यालयों के बाहर घेराव एवं धरना प्रदर्शन करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से जनता को बताया जाएगा कि उनके चुने हुए सांसद भेदभाव कर रहे हैं। केंद्र में भाजपा की सरकार है और केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के हिस्से का 33 हजार करोड रुपए रोक रखा है। इसके कारण मध्य प्रदेश सरकार नियमित वेतन भुगतान भी नहीं कर पा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने इस आशय का एक पत्र जिला/ शहर कांग्रेस अध्यक्षों को भेजा है, जिसमें कहा गया है कि वे भाजपा के सभी मान. सांसदों के कार्यालयों के सम्मुख शांतिपूर्ण धरना/प्रदर्शन कर उन्हें जागृत करें कि वे प्रदेश के नागरिकों के प्रति अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों का निर्वहन करे। भाजपा के सांसदगण प्रदेश के हित में भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा किए जा रहे भेदभाव को समाप्त करने के लिए उचित पहल करें। 

मध्यप्रदेश के भाजपा सांसद भेदभाव कर रहे हैं

श्री शेखर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार और प्रदेश का भाजपा नेतृत्व निरंतर प्रदेश के किसानों, वंचित वर्ग के नागरिकों और आम जन के साथ भेदभाव कर रहा है। प्रदेश में भाजपा के 28 सांसद चुनकर आये हैं जो प्रदेश के साथ हो रहे इस अन्याय को न सिर्फ मौन साधे देख रहे हैं, अपितु प्रदेश के हक की आवाज भी केंद्र की भाजपा सरकार के सम्मुख बुलंद नहीं कर रहे हैं। 

नरेंद्र मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश के 32713 करोड़ रुपए रोक रहे हैं

श्री शेखर ने कहा कि प्रदेश के केंद्रीय करों के हिस्से में से 2677 करोड़ रूपये की एक बड़ी राशि केंद्र सरकार द्वारा कम कर दिये जाने, वर्ष 2018-19 में केंद्र प्रायोजित योजना में भी 6547 करोड़ रू. की केंद्रांश में कटौती किये जाने, भावांतर भुगतान योजना के वर्ष 2018 से 1017 करोड़ रू. केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को अब तक नहीं दिये जाने और प्रदेश की विभिन्न 22 योजनाओं के प्रदेश को 32713 करोड़ रू. केंद्र द्वारा न दिये जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी का प्रदेशव्यारी धरना-प्रदर्शन किया किया जा रहा है। 

जिला/ शहर कांगे्रस अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रदेश कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारीगण, कांग्रेस पक्ष के विभिन्न संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों सहित आम नागरिकों की अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित कर इस प्रदेश व्यापी धरना-प्रदर्शन को सफल और प्रभावी बनायें।