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पूरा मध्यप्रदेश 43 डिग्री के पार, 9 जिलों में आंधी के आसार | MP WEATHER REPORT

भोपाल। नौतपा के सातवें और मई के आखिरी दिन शुक्रवार को गर्मी की हालत यह थी कि पचमढ़ी- इंदौर, नरसिंहपुर और सिवनी को छोड़कर पूरा प्रदेश 43 डिग्री के पार हो गया था। 14 जिलों में तापमान 45 डिग्री तक रहा। आधे से ज्यादा प्रदेश में रात 9 बजे तक गर्म हवाएं चल रहीं हैं जबकि 10 से ज्यादा जिलों में रात 1 बजे तक हवाओं में ठंडक नहीं आ रही है। 

भोपाल और जबलपुर में रिकॉर्ड टूटा

भोपाल में लगातार तीसरे दिन पारा 44 डिग्री पार चला गया। जबकि दोपहर बाद बूंदाबांदी-बादल छाए, इसके बावजूद पारा 44.4 डिग्री पर पहुंच गया। ये इस सीजन का सबसे ज्यादा तापमान है। ये सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा है। राजधानी में यह इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। उधर जबलपुर में गर्मी का 65 साल का रिकार्ड टूट गया। वहां दिन का तापमान 46.8 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले वहां 25 मई 1954 को तापमान 46.7 डिग्री रहा था। इनके अलावा जबलपुर समेत प्रदेश के दमोह, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, ग्वालियर, होशंगाबाद, खरगोन, रायसेन और उमरिया में पारा 45-46 डिग्री पार पहुंच गया। इन शहरों में लू चलने से लोग बेहाल हो गए।

भट्टी की तरह दहक रहा है ग्वालियर

प्रचंड गर्मी और तीव्र लू की चपेट में आया प्रदेश भट्टी की तरह तप रहा है। नौतपा के छठे दिन खजुराहो में तापमान 47.5 तथा ग्वालियर और नौगांव 47.2 डिग्री पर पहुंच गया। ग्वालियर में ऐसा 72 साल बाद हुआ है, जब ग्वालियर मई में सबसे गर्म रहा। इसके साथ ही गुरुवार को प्रदेश के 10 शहरों में तापमान 45 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी का यह आलम

पचमढ़ी- इंदौर, नरसिंहपुर, सिवनी को छोड़कर कहीं भी पारा 43 डिग्री से नीचे नहीं रहा। विंध्य के  रीवा सतना सीधी शहडोल इलाकों में भी भीषण गर्मी पड़ रही है महाकौशल के जबलपुर छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट जिला उमरिया में मौसम के गम के बने हुए हैं भोपाल संभाग के रायसेन में सबसे ज्यादा तप रहा है विदिशा विदिशा सीहोर और राजगढ़ में भी मौसम के तेवर तीखे ही हैं।

यहां लू चलने की संभावना

ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों, रीवा, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह, खरगोन, राजगढ़, रायसेन और छतरपुर। 

यहां धूलभरी आंधी

नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, उमरिया, शहडोल, मंडला और पन्ना जिलों में कहीं-कहीं धूलभरी आंधी चलने के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।