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ATITHI SHIKSHAK को अनुभव प्रमाण पत्र के लिए तंग कर रहे हैं संकुल प्राचार्य | MP NEWS

भोपाल। आजाद अध्यापक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता विनय कुमार कनौजिया का कहना है कि अतिथि शिक्षको के अनुभव प्रमाण पत्र बनाने के लिये पूरी प्रक्रिया मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने 08 मार्च 2019 को जारी किया। फिर भी जिले के संकुल प्राचार्य इससे अनभिज्ञ बने है और अतिथि शिक्षक संकुलों में जा जा कर परेशान हैं उनकी कोई नही सुनता। ऊपर से कहते हैं कि मेरे पास कोई आदेश नही आया है जब आदेश दिखाया जाता है तब संकुल प्राचार्य कहते हैं कि यह आदेश पुराना हो गया है।

पूरा मामला क्या है ?

माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक के नियोजन यनि भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिये 25 प्रतिशत पद आरक्षित किया गया है। उसी के तारतम्य में 08 मार्च 2019 को मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया था कि अतिथि शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र जारी निम्नलिखित प्रक्रिया के अधीन किया जायेगा।- सबसे पहले अतिथि शिक्षक जीएफएम एस पोर्टल के माध्यम से उपस्थिति प्रमाण पत्र डाउन लोड करके प्रिंट लेगा फिर उसमें संस्था प्रमुख उपस्थिति प्रमाणित करेगा एवं संकुल प्राचार्य वेतन पत्रक से व्हेरीफिकेशन करेगें फिर संकुल प्राचार्य के द्वारा पोर्टल में सही रिकार्ड के अनुसार मिलान करके लॉक किया जायेगा तब जिला शिक्षा अधिकारी के लॉगिन आईडी में अनुभव प्रमाण पत्र दीखने लगेगा। फिर जिला शिक्षा अधिकारी उनके रिकॉर्ड चेक कर लॉक करेंगे। फिर अतिथि शिक्षक का अनुभव प्रमाण पत्र पोर्टल से बार कोडेड जनरेट होगा उसके बाद संस्था प्रमुख, संकुल प्राचार्य तथा जिला शिक्षा अधिकारी के उस अनुभव प्रमाण पत्र हस्ताक्षर होंगे तब अनुभव प्रमाण पत्र  मान्य होगा।

संघ के प्रान्तीय प्रवक्ता कनौजिया जी द्वारा बताया गया कि अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि अनुभव प्रमाण पत्र की प्रक्रिया इतनी कठिन कर दिया गया है कि कोई अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र ही नही बनवा पायेगा। 

आजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र पटेल ने शासन प्रशासन से मांग है कि अतिथि शिक्षक के अनुभव प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को और सरल किया जाये जिससे सहज उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र मिल सके। तथा जिला शिक्षा अधिकारी महोदय को एक आदेश संकुल प्राचार्यों के लिये कर देना चाहिये। जिससे अतिथि शिक्षक परेशान न हों।