पाकिस्तान से लौटे युवक ने CM शिवराज सिंह की हत्या का ऐलान किया | MP NEWS

जबलपुर। पाकिस्तान की जेल में 5 साल तक बंद रहे युवक जितेन्द्र अर्जुनवार ने लौटकर आने के बाद सीएम शिवराज सिंह की हत्या का ऐलान कर डाला। वो सरकारी मदद ना मिलने से नाराज था। उसने ट्वीटर पर एक के बाद एक लगातार 5 बार मैसेज पोस्ट किया। पुलिस ने जितेन्द्र अर्जुनवार और उसके भाई भारत अर्जुनवार को हिरासत में ले लिया है। बता दें कि यह वही युवक है जो अनजाने में एलओसी पार करके पाकिस्तान में घुस गया था। उसे एक साल की सजा मिली थी लेकिन वो 5 साल तक जेल में बंद रहा। 

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जितेन्द्र अर्जुनवार ने बीते 2 और 7 अगस्त के बीच एक के बाद एक लगातार 5 बार सीएम शिवराज सिंह को जान से मारने की धमकी दी थी। उसने लिखा था कि यदि सीएम शिवराज सिंह जनआशीर्वाद यात्रा लेकर सिवनी आए तो वो उन्हे जान से मार देगा। लगातार ट्वीट होने से साइबर पुलिस हरकत में आई और जितेन्द्र अर्जुनवार व उसके भाई भारत अर्जुनवार को हिरासत में ले लिया। 

गंभीर बीमारी से जूझ रहा है जितेंद्र
जितेंद्र खून से जुड़ी एक बीमारी से जूझ रहा है। बताया जाता है कि अर्जुन सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित है। वह कराची के मलिर जेल में बंद था। इस्लामाबाद स्थित भारत का उच्चायोग उसकी रिहाई के लिए काफी प्रयास किए। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को कई बार इसे लेकर नोट भेजा गए। भारतीय उच्चायोग ने जितेंद्र के भारतीय होने की जानकारी पाकिस्तान को दी तब कहीं जाकर उसे पाकिस्तान से रिहा कराया जा सका। 

ऐसे पहुंचा पाकिस्तान
15 वर्षीय जितेंद्र अर्जुनवार ने अपनी मां से झगड़ा होने के बाद घर छोड़ दिया और गलती से पाकिस्तान पहुंच गया था। किशोर ने खोखरापार के पास सीमा पार की और पाकिस्तानी रेंजरों ने उसे चेताने के बाद चौक के पास गिरफ्तार कर लिया था। पाकिस्तान पुलिस ने उस समय मीडिया को बताया था कि जितेंद्र उर्दू और अंग्रेजी दोनों ही भाषाएं बोलता है। पुलिस को बताया कि उसका नाम जितेंद्र अर्जुनवार है और उसके पिता का नाम एशुर्या अर्जुनवार है। वह मध्य प्रदेश का रहने वाला है।

पुलिस के अनुसार जितेंद्र ने बताया था कि उसका अपनी मां से झगड़ा हुआ था और उसके बाद उसने अपना घर छोड़ दिया था। वह भारत में इधर-उधर भटकता रहा। करीब एक महीने बाद वह एक ऐसे स्थान पर पहुंचा, जहां उसने कंटीले तार देखे। उसने सोचा कि कंटीले तार क्षेत्र में मवेशियों को रोकने के लिए लगाया गया है। उसने तार के नीचे मिट्टी खोदी और उसके नीचे से निकलकर अपनी यात्रा जारी रखी। जब उसे प्यास लगी तो वह एक ऐसे स्थान पर पहुंचा जहां कुछ रोशनी थी। वहां पहुंचने पर उसने कुछ लोगों को सेना की वर्दी में देखा। उन लोगों ने उसे पानी दिया और उसके बारे में पूछा तब उसने अपनी पहचान बताई।
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!